नई दिल्ली: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत की आर्थिक प्रगति पर अटूट विश्वास जताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 की समय-सीमा से पहले ही एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल कर लेगा। एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सरकार के ‘विकसित भारत @2047’ विजन का विस्तार से विवरण साझा किया। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है, उसे देखते हुए भारत अब वैश्विक विकास का निर्विवाद इंजन बन चुका है।
विकास की रफ्तार: क्यों है समय से पहले लक्ष्य हासिल होने का भरोसा?
हरदीप सिंह पुरी ने अपने संबोधन में उन प्रमुख स्तंभों का उल्लेख किया जो भारत को विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा करेंगे:
- तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: उन्होंने दोहराया कि अगले कुछ वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, जो विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में सबसे बड़ा मील का पत्थर होगा।
- ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता: पेट्रोलियम मंत्री होने के नाते उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हरित ऊर्जा (Green Energy), एथेनॉल ब्लेंडिंग और हाइड्रोजन मिशन के जरिए अपनी ऊर्जा जरूरतों में आत्मनिर्भर हो रहा है, जिससे विदेशी मुद्रा की भारी बचत होगी।
- शहरी कायाकल्प: उन्होंने ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ और शहरी बुनियादी ढांचे में हुए निवेश का हवाला देते हुए कहा कि हमारे शहर अब वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार हो रहे हैं।
मोदी सरकार का विजन: समावेशी विकास और तकनीक पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के जीवन स्तर को ऊपर उठाने से जुड़ा है:
- डिजिटल इंडिया की ताकत: पुरी ने कहा कि भारत का डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा (DPI) दुनिया के लिए एक मिसाल है, जो पारदर्शी शासन और आर्थिक समावेशन सुनिश्चित कर रहा है।
- युवा शक्ति और नवाचार: सरकार का मानना है कि स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं का तकनीकी कौशल भारत की विकास दर को 7-8% के बीच स्थिर रखने में मदद करेगा।
- गरीबी उन्मूलन: उन्होंने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालना सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है, जो विकसित भारत की प्राथमिक शर्त है।
वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि आज दुनिया के बड़े देश भारत की ओर एक भरोसेमंद और स्थिर भागीदार के रूप में देख रहे हैं। हाल के वर्षों में भारत ने जिस तरह से वैश्विक चुनौतियों (जैसे महामारी और ऊर्जा संकट) का सामना किया है, उसने भारत की साख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी मजबूत किया है।





