कुआलालंपुर/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपनी महत्वपूर्ण विदेश यात्रा के तहत मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुँच रहे हैं। उनके इस दौरे को लेकर न केवल कूटनीतिक गलियारों में, बल्कि मलेशिया में रह रहे भारतीय समुदाय के बीच भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए एक विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 800 से अधिक कलाकार एक साथ पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन करेंगे। यह भव्य प्रस्तुति संख्या के लिहाज से एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है, जिसे रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज करने की तैयारी की गई है।
सांस्कृतिक स्वागत: भारत और मलेशिया की साझा विरासत का प्रदर्शन
प्रधानमंत्री के आगमन पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को प्रदर्शित करेगा:
- ऐतिहासिक प्रदर्शन: 800 से ज्यादा कलाकार भारत के विभिन्न शास्त्रीय नृत्यों और मलेशिया के पारंपरिक नृत्यों का एक अनूठा संगम पेश करेंगे।
- रिकॉर्ड बनाने की तैयारी: आयोजकों का दावा है कि इतने बड़े पैमाने पर एक साथ नृत्य प्रदर्शन इससे पहले किसी राष्ट्राध्यक्ष के स्वागत में नहीं किया गया है। इसे ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ या ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में शामिल करने के लिए आधिकारिक टीमें भी मौजूद रहेंगी।
- प्रवासी भारतीयों का जोश: मलेशिया में रहने वाले लाखों भारतीय मूल के लोग इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे, जो पीएम मोदी के ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के संदेश को मजबूती देगा।
मलेशिया दौरे के कूटनीतिक और रणनीतिक मायने
प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल सांस्कृतिक भव्यता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे आर्थिक और रणनीतिक उद्देश्य हैं:
- एक्ट ईस्ट पॉलिसी (Act East Policy): प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को और अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। दक्षिण-पूर्व एशिया में मलेशिया भारत का एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार है।
- रक्षा और सुरक्षा सहयोग: माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, विशेष रूप से ‘तेजस’ लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद और समुद्री सुरक्षा को लेकर अहम समझौते हो सकते हैं।
- व्यापार और निवेश: भारत और मलेशिया के बीच पाम ऑयल (ताड़ का तेल), इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल भुगतान (UPI) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री का व्यस्त कार्यक्रम
कुआलालंपुर पहुँचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी वहां के शीर्ष नेतृत्व और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद वे ‘मलेशिया-इंडिया बिजनेस काउंसिल’ की बैठक को संबोधित करेंगे और शाम को भारतीय समुदाय के एक विशाल जनसमूह (Community Event) से मुखातिब होंगे।





