Saturday, February 7, 2026

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नेशनल पैराग्लाइडिंग कॉम्पिटिशन में बड़ा हादसा: लैंडिंग के समय टकराए दो पायलट, गंभीर रूप से घायल; एयर एंबुलेंस से हायर सेंटर रेफर

घटनास्थल: देश में आयोजित हो रही नेशनल पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के दौरान आज एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्रतियोगिता के एक महत्वपूर्ण टास्क को पूरा कर लैंडिंग साइट की ओर आ रहे दो प्रतिभागी पायलट हवा के दबाव और तकनीकी असंतुलन के कारण आपस में टकरा गए। इस भीषण टक्कर के बाद दोनों पायलट अनियंत्रित होकर ऊंचाई से सीधे जमीन पर आ गिरे। हादसे के तुरंत बाद प्रतियोगिता स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और मेडिकल टीम ने मौके पर पहुँचकर बचाव कार्य शुरू किया। दोनों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए देश के बड़े अस्पताल (हायर सेंटर) रेफर किया गया है।

कैसे हुआ हादसा? हवा में बिगड़ा संतुलन

प्रत्यक्षदर्शियों और आयोजन समिति के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब पायलट फाइनल लैंडिंग की तैयारी कर रहे थे:

  • अचानक आई हवा: शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लैंडिंग के वक्त अचानक हवा के रुख में बदलाव आया (थर्मल टर्बुलेंस), जिससे एक पायलट का पैराग्लाइडर दूसरे के रास्ते में आ गया।
  • पैराशूट का उलझना: दोनों पायलटों के ग्लाइडर के विंग्स आपस में उलझ गए, जिसके कारण वे ‘स्टॉल’ मोड में चले गए और उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला।
  • हार्ड लैंडिंग: पायलटों ने इमरजेंसी पैराशूट खोलने की कोशिश की, लेकिन ऊंचाई कम होने के कारण वे काफी तेजी से पथरीली जमीन से टकराए।

रेस्क्यू ऑपरेशन: एयर एंबुलेंस से पहुँचाई गई मदद

हादसे के बाद प्रशासन और आयोजन समिति ने तुरंत त्वरित कार्रवाई की:

  1. प्राथमिक उपचार: साइट पर मौजूद मेडिकल यूनिट ने पायलटों को तत्काल ‘स्पाइन बोर्ड’ पर लिटाया और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी।
  2. एयर लिफ्ट: पायलटों को अंदरूनी चोटें और मल्टीपल फ्रैक्चर होने की आशंका को देखते हुए, समय गंवाए बिना प्रशासन ने एयर एंबुलेंस बुलाई।
  3. हायर सेंटर रेफर: दोनों को विशेष चिकित्सा विमान के माध्यम से एम्स (AIIMS) या दिल्ली के किसी बड़े ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है, जहां उनकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस नेशनल लेवल कॉम्पिटिशन में हुए हादसे ने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • जांच कमेटी का गठन: खेल विभाग और स्थानीय प्रशासन ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। यह देखा जा रहा है कि क्या लैंडिंग साइट पर पर्याप्त दूरी का पालन किया जा रहा था।
  • मौसम का अपडेट: जांच टीम इस बात की भी पड़ताल करेगी कि क्या खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद उड़ान भरने की अनुमति दी गई थी।

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