मुनस्यारी (पिथौरागढ़): सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुनस्यारी स्थित खलिया टॉप इन दिनों साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भारी बर्फबारी के बाद खिली धूप के बीच यहां की मखमली बुग्यालों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है, जो स्नो स्कीइंग के लिए बेहद मुफीद साबित हो रही है। इस रोमांचक खेल का लुत्फ उठाने के लिए न केवल स्थानीय युवा बल्कि देश के कोने-कोने से पर्यटक यहां पहुँच रहे हैं। विशेष रूप से आगामी रविवार (संडे) को लेकर पर्यटन व्यवसायियों में भारी उत्साह है, क्योंकि बेंगलुरु और महाराष्ट्र जैसे दूरदराज के राज्यों से पर्यटकों के बड़े समूह मुनस्यारी पहुँच रहे हैं।
स्नो स्कीइंग: बर्फ की ढलानों पर युवाओं का जोश
खलिया टॉप की ढलानों पर इन दिनों स्कीइंग का प्रशिक्षण और रोमांच चरम पर है:
- बारीकियां सीख रहे युवा: स्थानीय प्रशिक्षकों की देखरेख में क्षेत्र के युवा स्कीइंग के गुर सीख रहे हैं। इसमें शरीर का संतुलन बनाना, बर्फ पर तेजी से मुड़ना और ढलानों पर नियंत्रण रखने जैसी तकनीकी जानकारियां दी जा रही हैं।
- साहसिक पर्यटन को बढ़ावा: जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग का प्रयास है कि खलिया टॉप को विंटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकें।
देशभर से पहुँच रहे पर्यटक: संडे को ‘फुल’ हुए होटल
मुनस्यारी की प्राकृतिक सुंदरता और बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पर्यटकों का तांता लगा हुआ है:
- बेंगलुरु और महाराष्ट्र से विशेष लगाव: पर्यटन संचालकों के अनुसार, इस सप्ताह बेंगलुरु और महाराष्ट्र के पर्यटकों ने सबसे अधिक बुकिंग कराई है। रविवार को इन राज्यों से पर्यटकों के कई जत्थे खलिया टॉप पहुँचने वाले हैं।
- ट्रेकिंग का रोमांच: मुनस्यारी से खलिया टॉप तक का लगभग 6 किलोमीटर का पैदल सफर (ट्रेकिंग) भी पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हो रहा है। रास्ते में हिमालय की चोटियों—पंचचूली, नंदा देवी और राजरंभा के भव्य दर्शन पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती: पर्यटकों की भारी आमद से मुनस्यारी के होटल, होम-स्टे और गाइडों के चेहरे खिले हुए हैं।
व्यवस्थाएं और सुरक्षा के इंतजाम
बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर दिया है:
- सावधानी की अपील: बर्फ पर फिसलन को देखते हुए पर्यटकों को उचित गियर और अनुभवी गाइडों के साथ ही ट्रेकिंग करने की सलाह दी जा रही है।
- स्वच्छता का ध्यान: पर्यटन संगठनों ने आने वाले पर्यटकों से हिमालयी पारिस्थितिकी का सम्मान करने और बुग्यालों में गंदगी न फैलाने की अपील की है।





