स्टॉकहोम/हेलसिंकी: उत्तरी यूरोप के बाल्टिक सागर (Baltic Sea) से एक ऐसी अद्भुत तस्वीर सामने आई है, जिसने वैज्ञानिकों और प्रकृति प्रेमियों को रोमांचित कर दिया है। भीषण ठंड के चलते इस विशाल सागर का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से जम गया है, जिससे समंदर पर बर्फ की मोटी सफेद चादर बिछ गई है। स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों का कहना है कि दशकों बाद पहली बार बाल्टिक सागर इस तरह चांदी की तरह चमकता हुआ दिखाई दे रहा है। सामान्य तौर पर बाल्टिक सागर के कुछ तटवर्ती हिस्से ही जमते हैं, लेकिन इस साल रिकॉर्ड तोड़ गिरावट वाले तापमान ने खुले समंदर को भी एक विशाल सफेद मैदान में तब्दील कर दिया है।
कुदरत का ‘सफेद करिश्मा’: क्यों जम गया समंदर?
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस साल आर्कटिक क्षेत्र से आई ‘पोलर वर्टेक्स’ (Polar Vortex) की लहर ने बाल्टिक क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है:
- रिकॉर्ड गिरावट: फिनलैंड, स्वीडन और एस्टोनिया के तटों पर तापमान -30°C से -35°C तक गिर गया है। इसके चलते खारे पानी के इस विशाल स्रोत की ऊपरी सतह जमने लगी और धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में बर्फ की परत फैल गई।
- चांदी जैसी चमक: जब सूर्य की किरणें इन बर्फ के क्रिस्टल पर पड़ती हैं, तो पूरा समंदर किसी चांदी के दर्पण की तरह चमकने लगता है, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बना हुआ है।
शिपिंग और परिवहन पर पड़ा प्रभाव
हालांकि यह दृश्य आंखों को सुकून देने वाला है, लेकिन व्यावसायिक दृष्टि से इसने कई चुनौतियां पेश की हैं:
- बर्फ तोड़ने वाले जहाजों (Icebreakers) की मांग: बाल्टिक सागर के प्रमुख व्यापारिक मार्गों को खुला रखने के लिए विशाल ‘आइसब्रेकर’ जहाजों को तैनात किया गया है। ये जहाज बर्फ की मोटी चादर को काटकर अन्य मालवाहक जहाजों (Cargo Ships) के लिए रास्ता बना रहे हैं।
- नौका सेवाएं बाधित: फिनलैंड और स्वीडन के बीच चलने वाली कई छोटी नौका सेवाओं को एहतियातन बंद कर दिया गया है, क्योंकि बर्फ की परत की मोटाई कुछ स्थानों पर कई फीट तक पहुँच गई है।
- वन्यजीवों का पलायन: बर्फ जमने के कारण समुद्री जीवों और पक्षियों के व्यवहार में भी बदलाव देखा जा रहा है। सील (Seals) जैसे जीव अब बर्फ के ऊपर धूप सेंकते देखे जा रहे हैं।
वैज्ञानिकों की चिंता: जलवायु परिवर्तन या चक्र?
पर्यावरणविदों के लिए यह घटना एक अध्ययन का विषय बन गई है:
- विपरीत प्रभाव: जहां पिछले कुछ वर्षों से ग्लोबल वार्मिंग के कारण बर्फ कम जमने की खबरें आ रही थीं, वहीं अचानक आई यह भीषण ठंड जलवायु के बदलते और अनिश्चित पैटर्न को दर्शाती है।
- समुद्री पारिस्थितिकी: विशेषज्ञों का मानना है कि बर्फ की यह चादर समुद्री पानी के तापमान को संतुलित करने में मदद कर सकती है, लेकिन लंबे समय तक इसका जमना मछलियों और अन्य जलीय जीवों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
पर्यटन में भारी उछाल
बाल्टिक सागर के इस ‘सिल्वर लुक’ को देखने के लिए तटीय देशों में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग जमे हुए समंदर के किनारों पर फोटोग्राफी और ‘आइस वॉकिंग’ का आनंद ले रहे हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि बर्फ की गहराई का सही अंदाजा लगाए बिना खुले समंदर में गहराई तक जाना जानलेवा हो सकता है।
“यह मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत और दुर्लभ दृश्य है। बाल्टिक सागर को इस तरह अनंत सफेद चादर में लिपटे देखना किसी सपने जैसा है। ऐसा लग रहा है मानो हम समंदर पर नहीं, बल्कि बादलों के ऊपर खड़े हों।” — एक स्थानीय निवासी





