Thursday, February 5, 2026

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परिवहन क्षेत्र में नई डिजिटल क्रांति: गृह मंत्री अमित शाह आज लॉन्च करेंगे ‘भारत टैक्सी एप’; ओला-उबर के एकाधिकार को चुनौती, ड्राइवरों और यात्रियों के लिए नई राहत

नई दिल्ली: देश के कैब एग्रीगेटर मार्केट में घरेलू तकनीक को बढ़ावा देने और ड्राइवरों के शोषण को समाप्त करने के उद्देश्य से आज एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज औपचारिक रूप से ‘भारत टैक्सी एप’ का शुभारंभ करेंगे। सरकारी समर्थन और स्वदेशी तकनीक से तैयार यह प्लेटफॉर्म सीधे तौर पर ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को टक्कर देने के लिए तैयार है। इस एप का मुख्य आकर्षण ‘जीरो कमीशन’ मॉडल और यात्रियों के लिए ‘किफायती किराया’ बताया जा रहा है, जिससे लंबे समय से टैक्सी सेक्टर में चल रहे असंतोष को दूर करने की उम्मीद है।

क्यों खास है ‘भारत टैक्सी एप’? मुख्य विशेषताएं

यह एप मौजूदा कैब सेवाओं से कई मायनों में अलग और अधिक पारदर्शी होने का दावा करता है:

  • ड्राइवरों के लिए ‘जीरो कमीशन’ मॉडल: अन्य निजी कंपनियों के विपरीत, जो ड्राइवरों की कमाई का 25% से 30% तक कमीशन के रूप में काट लेती हैं, भारत टैक्सी एप पर ड्राइवरों को उनकी पूरी कमाई का हक मिलेगा। उन्हें केवल एक छोटा सा दैनिक ‘सब्सक्रिप्शन शुल्क’ देना होगा।
  • यात्रियों के लिए सस्ता सफर: चूंकि कंपनियों को भारी कमीशन नहीं देना होगा, इसलिए यात्रियों के लिए बेस फेयर कम रहेगा। साथ ही, व्यस्त समय (Peak Hours) में लगने वाले ‘सरज चार्ज’ पर भी लगाम लगाने का प्रावधान किया गया है।
  • सुरक्षा के कड़े मानक: यह एप सीधे तौर पर सरकारी सुरक्षा नेटवर्क और स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम से एकीकृत (Integrate) होगा। इसमें पैनिक बटन और रीयल-टाइम लोकेशन शेयरिंग के साथ ‘सरकारी पहचान’ वाले ड्राइवरों का डेटाबेस होगा।

ओला-उबर के लिए बड़ी चुनौती: बाजार का समीकरण

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ‘भारत टैक्सी’ के आने से भारतीय परिवहन बाजार का परिदृश्य पूरी तरह बदल सकता है:

  1. ड्राइवरों का पलायन: यदि ड्राइवरों को अधिक बचत दिखेगी, तो वे बड़ी संख्या में निजी प्लेटफॉर्म छोड़कर इस सरकारी सहायता प्राप्त एप से जुड़ेंगे। इससे ओला-उबर के लिए ड्राइवरों की उपलब्धता का संकट पैदा हो सकता है।
  2. स्वदेशी को बढ़ावा: ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत यह एप भारतीय स्टार्टअप्स और स्थानीय तकनीक को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के सामने खड़ा करेगा।
  3. पारदर्शिता: इस एप के जरिए किराए के निर्धारण में सरकार की सीधी निगरानी रहेगी, जिससे निजी कंपनियों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।

लॉन्चिंग कार्यक्रम और भविष्य की योजना

आज नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम में अमित शाह इस एप के पहले संस्करण को रोलआउट करेंगे। शुरुआत में इसे दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा, जिसके बाद अगले 6 महीनों में इसे देश के 100 से अधिक शहरों में विस्तारित करने की योजना है।

निष्कर्ष: यात्रियों और ड्राइवरों की ‘चांदी’

इस पहल से यात्रियों को एप पर लंबी वेटिंग और ऊंचे किराए से मुक्ति मिलेगी, वहीं ड्राइवरों को उनके श्रम का उचित मूल्य मिल सकेगा। यह कदम डिजिटल इंडिया के विजन को जमीनी स्तर पर उतारने का एक प्रयास है।

“भारत टैक्सी एप केवल एक बुकिंग प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह हमारे टैक्सी चालकों के स्वाभिमान और यात्रियों की सुविधा का एक सेतु है। हम तकनीक का उपयोग बिचौलियों को हटाने और आम जनता को लाभ पहुँचाने के लिए कर रहे हैं।” — परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी

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