हल्द्वानी: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमाऊं क्षेत्र की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी और पूरा कुमाऊं मंडल सदियों से न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश के लिए अध्यात्म और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह क्षेत्र ऋषियों की तपस्थली और लोक संस्कृति की सुगंध से महकता हुआ वह द्वार है, जो पूरी दुनिया को शांति और भक्ति का संदेश देता है।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और कुमाऊं की पहचान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कुमाऊं के गौरवशाली इतिहास को वर्तमान विकास से जोड़ते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
- अध्यात्म का संगम: सीएम धामी ने कहा कि कैंची धाम से लेकर जागेश्वर धाम और हाट कालिका तक, कुमाऊं की यह धरती दैवीय शक्ति का अनुभव कराती है। हल्द्वानी इसी आध्यात्मिक यात्रा का मुख्य प्रवेश द्वार है।
- सांस्कृतिक चेतना का जागरण: उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य केवल भौतिक विकास नहीं, बल्कि अपनी लुप्त होती सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं को पुनर्जीवित करना है।
- युवा पीढ़ी को संदेश: मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों और अपनी संस्कृति पर गर्व करें, क्योंकि एक सशक्त समाज का निर्माण उसकी मजबूत सांस्कृतिक नींव पर ही संभव है।
हल्द्वानी का विकास सरकार की प्राथमिकता
सांस्कृतिक गौरव के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई:
- स्मार्ट सिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर: उन्होंने बताया कि हल्द्वानी को कुमाऊं के आधुनिक आर्थिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। रिंग रोड, जल निकासी की समस्या का समाधान और बेहतर सड़कों के लिए करोड़ों की योजनाएं पाइपलाइन में हैं।
- पर्यटन को बढ़ावा: मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं के प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिससे हल्द्वानी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
- कानून और व्यवस्था: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘देवभूमि’ की सांस्कृतिक मर्यादा को बिगाड़ने वाले तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और राज्य की पहचान को सुरक्षित रखना उनकी सरकार की पहली जिम्मेदारी है।
जनता का उमड़ा सैलाब
हल्द्वानी में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे थे। मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक कुमाऊंनी वाद्य यंत्रों और छोलिया नृत्य के साथ किया गया, जिसे देख सीएम ने प्रसन्नता व्यक्त की।
भविष्य का विजन: “अग्रणी उत्तराखंड”
संबोधन का समापन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा जब हमारी विकास की गति के साथ हमारी सांस्कृतिक चेतना भी सशक्त बनी रहेगी।
“हल्द्वानी केवल एक शहर नहीं है, यह कुमाऊं की रगों में दौड़ने वाली संस्कृति का प्रतिबिंब है। हमारी सरकार इस पावन धरा के मान-सम्मान और विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री




