Wednesday, February 4, 2026

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एपस्टीन केस में फिर आया नॉम चॉम्स्की का नाम: प्रख्यात विचारक ने मीडिया को बताया ‘गिद्ध’; समर्थकों को दी थी दूरी बनाने की सलाह

न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन: कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों (Epstein Files) के सार्वजनिक होने का सिलसिला एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में सामने आए नए विवरणों में दुनिया के जाने-माने भाषाविद् और दार्शनिक नॉम चॉम्स्की का नाम एक बार फिर सामने आया है। हालांकि चॉम्स्की पर किसी भी तरह के यौन अपराध का आरोप नहीं है, लेकिन एपस्टीन के साथ उनके पिछले वित्तीय लेन-देन और मुलाकातों ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चॉम्स्की ने मुख्यधारा की मीडिया की कड़ी आलोचना की है और उन्हें ‘गिद्ध’ (Vultures) की संज्ञा देते हुए लोगों को उनसे बचने की सलाह दी है।

दस्तावेजों में क्या हुआ खुलासा?

नई फाइलों में चॉम्स्की और एपस्टीन के बीच के उन संपर्कों का विवरण है जो पहले सार्वजनिक नहीं थे:

  • वित्तीय लेन-देन: दस्तावेजों के अनुसार, साल 2018 में एपस्टीन ने चॉम्स्की के एक व्यक्तिगत खाते से जुड़े लगभग $2,70,000 के हस्तांतरण में मदद की थी। चॉम्स्की ने बाद में स्पष्ट किया कि यह उनका अपना पैसा था और एपस्टीन ने केवल तकनीकी मदद की थी।
  • बैठकों का दौर: फाइलों से पता चलता है कि एपस्टीन और चॉम्स्की के बीच कई मुलाकातों की योजना बनाई गई थी, जिनमें अन्य प्रख्यात बुद्धिजीवी भी शामिल थे। चॉम्स्की ने इन मुलाकातों को ‘अकादमिक और राजनीतिक चर्चा’ करार दिया है।

मीडिया पर भड़के चॉम्स्की: “गिद्धों की तरह कर रहे व्यवहार”

जब मीडिया संस्थानों ने चॉम्स्की से इन संबंधों पर सवाल पूछे, तो उन्होंने बेहद सख्त रुख अपनाया:

  1. ‘गिद्ध’ की संज्ञा: चॉम्स्की ने पत्रकारों और समाचार पोर्टलों को ‘गिद्ध’ बताते हुए कहा कि वे बिना किसी ठोस संदर्भ के किसी के चरित्र हनन (Character Assassination) की ताक में रहते हैं।
  2. निजता का तर्क: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मेरा व्यक्तिगत जीवन क्या है और मैंने किसके साथ मुलाकात की, यह मेरा निजी मामला है। मीडिया को इसमें दखल देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”
  3. बचने की सलाह: चॉम्स्की ने अपने समर्थकों और जनता से अपील की कि वे ऐसी ‘सनसनीखेज पत्रकारिता’ के झांसे में न आएं और मुख्यधारा की मीडिया से दूरी बनाए रखें, क्योंकि उनका उद्देश्य सूचना देना नहीं बल्कि भ्रम फैलाना है।

विवाद का केंद्र: एपस्टीन का प्रभाव

यह मामला इसलिए संवेदनशील है क्योंकि जेफ्री एपस्टीन ने अपनी रसूखदार छवि बनाने के लिए दुनिया के चोटी के वैज्ञानिकों, राजनेताओं और विचारकों का सहारा लिया था। चॉम्स्की जैसे कद्दावर व्यक्तित्व का नाम आने से उनके प्रशंसकों के बीच नाराजगी और हैरानी का माहौल है।

चॉम्स्की का स्पष्टीकरण

विवाद बढ़ने पर नॉम चॉम्स्की ने एक संक्षिप्त ईमेल के जरिए स्पष्ट किया था कि जब वे एपस्टीन से मिले थे, तब उन्हें उसकी आपराधिक गतिविधियों की पूरी जानकारी नहीं थी और उनकी बातचीत केवल सामाजिक और आर्थिक मुद्दों तक सीमित थी। उन्होंने यह भी कहा कि एपस्टीन एक धनी व्यक्ति था जो अकादमिक जगत में रुचि दिखाता था, इसलिए कई लोगों ने उससे संपर्क किया था।

“मीडिया का व्यवहार अनैतिक है। वे उन चीजों को सनसनी बना रहे हैं जिनका कोई कानूनी आधार नहीं है। मुझे अपनी निजता की रक्षा करने का पूरा अधिकार है।” — नॉम चॉम्स्की (कथित प्रतिक्रिया के आधार पर)

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