कोलकाता/दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल में बहुचर्चित कोयला तस्करी मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार तड़के एक बार फिर राज्य के कई हिस्सों में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने कोलकाता, दुर्गापुर और आसनसोल सहित कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई उन प्रभावशाली व्यवसायियों और बिचौलियों के परिसरों पर की जा रही है, जिन पर अवैध कोयला खनन और इसके जरिए काली कमाई को ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ के माध्यम से सफेद करने का संदेह है। सुरक्षा के मद्देनजर छापेमारी वाले सभी स्थानों पर भारी मात्रा में केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) की तैनाती की गई है।
छापेमारी का मुख्य केंद्र और कार्रवाई
ED की टीम ने सुबह 6 बजे से ही अपनी दबिश देनी शुरू कर दी थी:
- कोलकाता में एक्शन: शहर के पॉश इलाकों में स्थित कुछ व्यापारियों के दफ्तरों और आवासों पर तलाशी ली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यहां से कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त की गई हैं।
- दुर्गापुर और आसनसोल बेल्ट: पश्चिम बर्धमान जिले के इन इलाकों में कोयला खदानों के करीब रहने वाले कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के ठिकानों पर टीम मौजूद है। इन पर आरोप है कि वे खदानों से कोयला चोरी कर उसे अवैध मंडियों तक पहुँचाने के सिंडिकेट का हिस्सा हैं।
- बैंक खातों की जांच: अधिकारियों द्वारा संदिग्धों के बैंक ट्रांजेक्शन और पिछले तीन वर्षों के आईटी रिटर्न (ITR) की फाइलें खंगाली जा रही हैं।
क्या है पूरा कोयला तस्करी मामला?
यह घोटाला कई हजार करोड़ रुपये का बताया जाता है, जिसकी जांच CBI और ED दोनों मिलकर कर रही हैं:
- अवैध उत्खनन: आरोप है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की बंद पड़ी या सक्रिय खदानों से बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध उत्खनन किया जाता है।
- सिंडिकेट का जाल: इस अवैध कोयले को ट्रकों के जरिए दूसरे राज्यों और स्थानीय ईंट-भट्टों तक पहुँचाया जाता है। इस प्रक्रिया में कथित तौर पर राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को ‘प्रोटेक्शन मनी’ दी जाती है।
- अनूप माजी (लाला) की भूमिका: इस मामले में मुख्य आरोपी अनूप माजी उर्फ लाला से पूछताछ के बाद कई नए नाम सामने आए हैं, जिनके आधार पर आज की यह छापेमारी की जा रही है।
सियासी सरगर्मी तेज
ED की इस ताजा कार्रवाई ने बंगाल के राजनीतिक हलकों में फिर से हलचल मचा दी है:
- विपक्ष का रुख: भाजपा ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा है कि बंगाल के संसाधनों को लूटने वालों का अंजाम जेल ही होगा।
- सत्तारूढ़ दल की प्रतिक्रिया: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया है कि यह आगामी चुनावों से पहले विपक्ष को डराने और सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग की एक और कोशिश है।
वर्तमान स्थिति और बरामदगी
अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, छापेमारी जारी है और अधिकारियों ने किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, कुछ ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी और बेनामी संपत्तियों के कागजात मिलने की खबर है।
“हमारा उद्देश्य इस तस्करी के पीछे के पूरे वित्तीय नेटवर्क (Financial Trail) का पर्दाफाश करना है। यह छापेमारी उन इनपुट्स के आधार पर की गई है जो पिछले दौर की पूछताछ और जब्त किए गए डेटा के विश्लेषण से प्राप्त हुए थे।” — सूत्र, प्रवर्तन निदेशालय (ED)





