नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के बीच आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। अमेरिका के साथ हाल ही में संपन्न हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Trade Deal) की सफलता पर सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को देश की दीर्घकालिक सोच का परिणाम बताया। पीएम मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों और जटिल आर्थिक समझौतों में ‘धैर्य’ सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने साझा किया कि किस तरह भारत ने अपनी शर्तों पर अडिग रहकर और धैर्य के साथ बातचीत कर एक ऐसी डील सुनिश्चित की, जो देश के किसानों, व्यापारियों और युवाओं के हितों को सर्वोपरि रखती है।
“हमने जल्दबाजी नहीं, राष्ट्रहित को चुना”: प्रधानमंत्री
पीएम मोदी ने बैठक में सांसदों को इस डील के पीछे की पर्दे के पीछे की कहानी बताते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
- धैर्य का फल: प्रधानमंत्री ने कहा, “अक्सर ऐसे समझौतों में जल्दबाजी का दबाव होता है, लेकिन हमने धैर्य रखा। हमने तब तक इंतजार किया जब तक कि शर्तें हमारे देश के पक्ष में नहीं हो गईं। आज परिणाम सबके सामने है।”
- बराबरी का सौदा: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समझौता दो समान शक्तियों के बीच हुआ है, जहाँ भारत ने किसी भी दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने आर्थिक हितों को मजबूती से रखा।
संसदीय दल की बैठक के मुख्य बिंदु
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने इस समझौते के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला:
- किसानों और एमएसएमई (MSME) को सुरक्षा: पीएम ने आश्वस्त किया कि ट्रेड डील में भारतीय कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने और छोटे उद्योगों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- विश्वसनीय साझेदार के रूप में भारत: उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को एक ‘विश्वसनीय व्यापारिक भागीदार’ (Trusted Partner) के रूप में देखती है। अमेरिका के साथ यह डील अन्य विकसित देशों के साथ भविष्य में होने वाले समझौतों के लिए एक ब्लूप्रिंट का काम करेगी।
- रोजगार के अवसर: प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में युवाओं को बताएं कि इस डील से मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में बड़े पैमाने पर नए अवसर पैदा होने वाले हैं।
एनडीए सांसदों ने जताया आभार
बैठक में उपस्थित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा सहित एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता की प्रशंसा की।
- तालियों से गूंजा हॉल: जैसे ही प्रधानमंत्री ने ट्रेड डील के लाभों का जिक्र किया, पूरे हॉल में सांसदों ने मेज थपथपाकर उनका अभिवादन किया।
- संकल्प: सांसदों ने संकल्प लिया कि वे इस ऐतिहासिक समझौते के फायदों को ‘जन-जन’ तक पहुंचाएंगे और बताएंगे कि कैसे यह ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम है।
विपक्ष की नकारात्मकता पर प्रहार
प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब देश वैश्विक मंच पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहा है, तब कुछ लोग केवल भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सांसदों को सलाह दी कि वे विकास के एजेंडे पर अडिग रहें और जनता के बीच जाकर सरकार की सफलताओं का बखान करें।
“यह ट्रेड डील केवल कागजों पर हुआ हस्ताक्षर नहीं है, बल्कि यह विश्व के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र के बीच अटूट विश्वास की मुहर है। भारत का बढ़ता कद अब दुनिया की आर्थिक दिशा तय कर रहा है।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी





