मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के पॉश इलाके में एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही का जानलेवा खेल सामने आया है। एक नाबालिग लड़के ने अपनी लग्जरी मर्सिडीज कार से नियंत्रण खोते हुए सड़क पर जा रहे दो अन्य वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार को जब्त कर लिया है और नाबालिग के पिता के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
हादसे का घटनाक्रम: पलक झपकते ही मची चीख-पुकार
पुलिस सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना देर शाम की है जब सड़क पर ट्रैफिक सामान्य था:
- अनियंत्रित रफ्तार: चश्मदीदों का कहना है कि मर्सिडीज कार की रफ्तार काफी अधिक थी। चौराहे के पास मोड़ काटते समय नाबालिग कार पर नियंत्रण नहीं रख सका।
- वाहनों की टक्कर: बेकाबू मर्सिडीज ने पहले एक टू-व्हीलर (स्कूटी) को पीछे से टक्कर मारी और फिर सामने से आ रही एक ऑटो-रिक्शा से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो-रिक्शा सड़क पर ही पलट गया।
- घायलों की स्थिति: घायलों में स्कूटी सवार एक महिला और ऑटो में बैठे दो यात्री शामिल हैं। तीनों को सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस की कार्रवाई: कानून के उल्लंघन पर सख्त रुख
मुंबई पुलिस ने दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर तुरंत जांच शुरू कर दी है:
- नाबालिग की पहचान: पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जिसकी उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है। नाबालिग के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।
- पिता पर कार्रवाई: पुलिस ने नाबालिग को कार की चाबियां देने और उसे गाड़ी चलाने की अनुमति देने के आरोप में उसके पिता को हिरासत में लिया है। उन पर मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- मेडिकल जांच: यह पता लगाने के लिए कि क्या नाबालिग शराब के नशे में था, उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
पुणे ‘पोर्श कांड’ की यादें ताजा
इस घटना ने एक बार फिर कुछ समय पहले हुए पुणे के चर्चित पोर्श कार हादसे की यादें ताजा कर दी हैं। स्थानीय निवासियों और नागरिक समूहों ने नाबालिगों को महंगी कारें सौंपने वाले माता-पिता की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
- सोशल मीडिया पर आक्रोश: घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग दोषियों के खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।
कानूनी प्रावधान और चेतावनी
परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, नए कानून के तहत नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर न केवल भारी जुर्माना लगता है, बल्कि वाहन का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है।
“यह एक गंभीर अपराध है। नाबालिगों को वाहन देना न केवल दूसरों की जान जोखिम में डालना है, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी है। हम इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।” — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुंबई पुलिस





