Tuesday, February 3, 2026

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औली की ढलानों पर सजेगा रोमांच का मेला: नेशनल विंटर गेम्स की तारीखों का हुआ एलान; हालिया बर्फबारी ने खिलाड़ियों और पर्यटकों का बढ़ाया उत्साह

जोशीमठ/चमोली: उत्तराखंड के मिनी स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले औली में एक बार फिर शीतकालीन खेलों का रोमांच लौटने वाला है। प्रशासन ने बहुप्रतीक्षित ‘नेशनल विंटर गेम्स 2026’ की आधिकारिक तारीखों की घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ ही पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बर्फबारी ने खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। स्कीइंग ढलानों पर बिछी सफेद बर्फ की मोटी चादर ने न केवल आयोजन की बाधाओं को दूर किया है, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने में भी मदद मिली है।

फरवरी के अंत में होगा आयोजन का आगाज

पर्यटन विभाग और खेल निदेशालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार:

  • कार्यक्रम: नेशनल विंटर गेम्स का आयोजन 20 फरवरी से 24 फरवरी तक किया जाएगा।
  • प्रमुख प्रतियोगिताएं: इस बार अल्पाइन स्कीइंग, नॉर्डिक स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग जैसी विभिन्न श्रेणियों में देशभर के शीर्ष खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे।
  • खिलाड़ियों का जमावड़ा: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और सेना (आरमी) की टीमों के करीब 300 से अधिक एथलीटों के इस महाकुंभ में शामिल होने की उम्मीद है।

बर्फबारी बनी ‘संजीवनी’

पिछले कुछ हफ्तों तक बर्फ की कमी के कारण आयोजन पर संशय के बादल मंडरा रहे थे, लेकिन ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण हुई बर्फबारी ने स्थिति बदल दी है:

  1. परफेक्ट स्लोप: औली की मुख्य स्कीइंग ढलानों पर वर्तमान में 2 से 3 फीट तक प्राकृतिक बर्फ जमा हो चुकी है, जो स्कीइंग के लिए आदर्श मानी जाती है।
  2. आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग: बर्फबारी के बावजूद प्रशासन ने एहतियातन ‘स्नो-गन’ मशीनों को भी तैयार रखा है ताकि ढलानों पर बर्फ की एक समान परत बनाई जा सके।
  3. प्रशिक्षण: बर्फबारी के तुरंत बाद स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने अपनी प्रैक्टिस (अभ्यास) तेज कर दी है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट

विंटर गेम्स के आयोजन से केवल खेल ही नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापार को भी बड़ी उम्मीदें हैं:

  • होटल बुकिंग: जोशीमठ और औली के लगभग सभी प्रमुख होटल और गेस्ट हाउस फरवरी के आखिरी हफ्ते के लिए अभी से ‘फुल’ हो चुके हैं।
  • सांस्कृतिक रंग: खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ शाम के समय उत्तराखंडी लोक संगीत और नृत्य के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सके।

सुरक्षा और बुनियादी ढांचा

चमोली जिला प्रशासन ने आयोजन को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है:

  • रोपवे और चेयरलिफ्ट: जोशीमठ से औली के बीच चलने वाली एशिया की सबसे लंबी रोपवे को तकनीकी जांच के बाद सुचारू रखा गया है।
  • मेडिकल टीम: स्कीइंग के दौरान चोटों की संभावना को देखते हुए ढलानों पर विशेष मेडिकल रेस्क्यू टीम और एम्बुलेंस की तैनाती की जाएगी।

“औली में ताजा बर्फबारी हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। हम खिलाड़ियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह आयोजन उत्तराखंड को विश्व स्तर पर एक प्रमुख विंटर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करेगा।” — पर्यटन सचिव, उत्तराखंड शासन

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