नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को ‘ऐतिहासिक’ बजट पेश किए जाने के बाद, आज यानी सोमवार (2 फरवरी 2026) को संसद के दोनों सदनों में बजट पर औपचारिक चर्चा शुरू होगी। विपक्ष ने सरकार की आर्थिक नीतियों और बजट में बेरोजगारी व किसानों के मुद्दों को ‘नजरअंदाज’ करने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामे के संकेत दिए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज सदन के पटल पर बजट की कमियों को उजागर करेंगे। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों (INDIA ब्लॉक) ने इस बजट को ‘फीका’ और ‘जमीनी हकीकत से दूर’ बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति तैयार की है।
राहुल गांधी का ‘प्लान ऑफ एक्शन’: किन मुद्दों पर होगा प्रहार?
राहुल गांधी ने रविवार को बजट पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था, “मैं आज नहीं, कल संसद के मंच से अपनी बात रखूंगा।” सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी अपने भाषण में निम्नलिखित बिंदुओं पर सरकार को घेर सकते हैं:
- बेरोजगारी का संकट: विपक्ष का आरोप है कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन का कोई ठोस रोडमैप नहीं है।
- किसान और एमएसपी (MSP): कृषि क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन और एमएसपी की कानूनी गारंटी के मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछे जाएंगे।
- गिरती विनिर्माण दर (Manufacturing): राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पहले ही संकेत दिया है कि वह देश में गिरते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और निवेशकों के पूंजी निकालने (Capital Outflow) पर चर्चा करेंगे।
विपक्ष की घेराबंदी: संसद में हंगामे के आसार
केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC), द्रमुक (DMK) और समाजवादी पार्टी ने भी बजट के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
- क्षेत्रीय भेदभाव का आरोप: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य दक्षिणी राज्यों के नेताओं ने आरोप लगाया है कि बजट में उनके राज्यों की उपेक्षा की गई है और फंड के आवंटन में भेदभाव हुआ है।
- इनकम टैक्स स्लैब: मध्यम वर्ग के लिए टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव न होने (जैसा कि कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया) को लेकर भी विपक्ष विरोध प्रदर्शन कर सकता है।
- कार्यवाही पर असर: हंगामे के चलते प्रश्नकाल और शून्यकाल बाधित होने की संभावना है। विपक्षी दल कार्य स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) लाने की भी तैयारी में हैं।
सरकार का पलटवार: “विकसित भारत का ब्लूप्रिंट”
विपक्ष के हमलों के बीच, सत्ता पक्ष (NDA) बजट के बचाव में पूरी तरह मुस्तैद है।
- वित्त मंत्री का रुख: निर्मला सीतारमण ने पहले ही कहा है कि यह बजट 2047 के विकसित भारत की नींव रखने वाला है और इसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।
- बीजेपी की जवाबी रणनीति: पार्टी के वरिष्ठ सांसदों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बजट के सकारात्मक पहलुओं, जैसे रिकॉर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर आवंटन (₹12.2 लाख करोड़) और राजकोषीय घाटे को कम करने के प्रयासों को प्रमुखता से उठाएं।
आज के प्रमुख कार्यक्रम
- दोपहर 1:00 – 2:30 बजे: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पोस्ट-बजट मीडिया इंटरैक्शन।
- दोपहर 2:00 बजे: लोकसभा में राहुल गांधी का संबोधन और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा।
- शाम: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा रेल बजट (जो अब आम बजट का हिस्सा है) के राज्यवार आवंटन पर विस्तृत ब्रीफिंग।
“यह बजट भारत की असली चुनौतियों से आंखें मूंदने वाला है। युवाओं के पास नौकरी नहीं है और निवेशक बाहर जा रहे हैं। हम संसद के भीतर सरकार से इन विषयों पर जवाब मांगेंगे।” — राहुल गांधी, विपक्ष के नेता





