नई दिल्ली/देहरादून: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए बजट 2026 ने उत्तराखंड के विकास के संकल्प को नई ऊंचाइयां दी हैं। केंद्र सरकार ने हिमालयी राज्य की भौगोलिक चुनौतियों और सामरिक महत्व को समझते हुए अवस्थापना (Infrastructure) सुविधाओं के विस्तार के लिए ₹24,000 करोड़ के विशेष बजटीय प्रावधान की घोषणा की है। इस भारी-भरकम धनराशि से राज्य में सड़कों, सुरंगों, पुलों और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का कायाकल्प किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे ‘उत्तराखंड के सुनहरे भविष्य का बजट’ बताते हुए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
विकास का ‘रोडमैप’: कहाँ और कैसे होगा निवेश?
बजट में आवंटित इस राशि का उपयोग राज्य की उन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए किया जाएगा जो पिछले कुछ समय से संसाधनों की कमी के कारण लंबित थीं:
- कनेक्टिविटी का विस्तार: चारधाम यात्रा मार्ग को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए ‘स्लोप स्टेबलाइजेशन’ प्रोजेक्ट्स और ऑल-वेदर रोड के छूटे हुए हिस्सों को पूरा किया जाएगा।
- पहाड़ों में ‘स्मार्ट’ सुविधाएं: दुर्गम क्षेत्रों के गांवों में हाई-स्पीड इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- ऊर्जा और जल: जल जीवन मिशन के दूसरे चरण के तहत उन गांवों में नल से जल पहुंचाया जाएगा जहां भौगोलिक परिस्थितियां अत्यंत कठिन हैं। साथ ही, लघु जल विद्युत परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए फंड दिया जाएगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए ‘सुरक्षा कवच’
सामरिक दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड के लिए यह बजट रक्षा और नागरिक सुविधाओं के संगम के रूप में देखा जा रहा है:
- वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम: सीमा से सटे गांवों में पलायन रोकने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
- टनल कनेक्टिविटी: सामरिक महत्व के दर्रों तक पहुंच को आसान बनाने के लिए नई सुरंगों (Tunnels) के सर्वेक्षण और निर्माण को गति मिलेगी।
पर्यटन और इको-सिस्टम पर जोर
बजट में उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित रखते हुए ‘इको-फ्रेंडली’ विकास पर जोर दिया गया है:
- रोप-वे परियोजनाओं को गति: ‘पर्वतमाला’ योजना के तहत राज्य में 5 नए महत्वपूर्ण रोपवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिससे संवेदनशील इको-सिस्टम पर दबाव कम होगा।
- आपदा प्रबंधन: हिमालयी क्षेत्र में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (Early Warning System) को मजबूत करने के लिए एक विशेष कोष का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री का बयान: “विकास की नई इबारत”
घोषणा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह बजट उत्तराखंड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा।
“केंद्र सरकार द्वारा दिए गए ₹24,000 करोड़ राज्य के हर घर तक समृद्धि पहुंचाएंगे। सड़कों से लेकर पर्यटन तक, हर क्षेत्र में हम तेजी से काम करेंगे। यह बजट नए उत्तराखंड के निर्माण का आधार बनेगा।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री





