Saturday, January 31, 2026

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खटीमा बस हादसा: गमगीन माहौल में हुआ तीन घरों के चिरागों का अंतिम संस्कार; नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, सिसकियों से गूंज उठा श्मशान घाट

खटीमा (ऊधम सिंह नगर): खटीमा में हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद शनिवार को समूचे क्षेत्र का माहौल अत्यंत शोकपूर्ण और गमगीन रहा। हादसे में जान गंवाने वाले तीनों मृतकों के शवों की अंत्येष्टि उनके पैतृक गांवों में कर दी गई। जैसे ही शवों के जनाजे या अर्थियां उठीं, पूरा इलाका सिसकियों और चीख-पुकार से गूंज उठा। इस दुखद घड़ी में स्थानीय विधायक, प्रशासनिक अधिकारियों और हजारों की संख्या में क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंतिम संस्कार के दौरान वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।

एक साथ उठीं अर्थियां, परिजनों का बुरा हाल

हादसे के बाद पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी कर शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया था।

  • शोक की लहर: तीनों मृतकों के गांवों में सुबह से ही चूल्हे नहीं जले। ग्रामीण अपने घरों के बाहर चुपचाप बैठे इस अनहोनी पर चर्चा करते नजर आए।
  • करुण पुकार: जब मृतकों के पार्थिव शरीर घर पहुंचे, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की करुण पुकार सुनकर वहां सांत्वना देने पहुंचे लोगों के सब्र का बांध भी टूट गया।

मुक्तिधाम पर उमड़ा जनसैलाब

तीनों शवों को अलग-अलग श्मशान घाटों पर ले जाया गया, जहां हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

  1. हजारों की भीड़: अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए खटीमा और आसपास के गांवों से हजारों लोग उमड़ पड़े।
  2. प्रशासनिक उपस्थिति: शांति व्यवस्था और सुरक्षा के लिहाज से अंत्येष्टि स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भी घाट पर पहुंचकर पुष्प अर्पित किए और इसे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।

क्या था पूरा मामला: एक चूक और उजड़ गए परिवार

बीते शुक्रवार को खटीमा क्षेत्र में यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।

  • हादसे का कारण: प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और तकनीकी खराबी को हादसे की वजह बताया जा रहा है। बस की टक्कर इतनी भीषण थी कि तीन लोगों ने मौके पर ही या अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था।
  • घायलों की स्थिति: इस हादसे में कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। प्रशासन ने घायलों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए हैं।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

अंतिम संस्कार के बाद स्थानीय लोगों में परिवहन विभाग और निजी बस संचालकों के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़कों पर दौड़ रही डग्गामार और अनफिट बसों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में किसी और का घर न उजड़े।

“यह पूरे खटीमा के लिए एक काला दिन है। हमने अपने तीन होनहारों को खो दिया है। हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं और सरकार से मांग है कि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और घायलों को तत्काल सहायता प्रदान की जाए।” — स्थानीय ग्रामीण

अगले कदम: जांच रिपोर्ट का इंतजार

परिवहन विभाग ने हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के लिए एक टीम गठित की है। पुलिस बस चालक और मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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