देहरादून: उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ी वित्तीय सौगात दी है। राज्य में विकास की गति को तेज करने के लिए केंद्र द्वारा ‘पूंजीगत निवेश’ (Capital Investment) के मद में 1800 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे ‘डबल इंजन’ सरकार का प्रतिफल बताते हुए कहा है कि इस बजट से राज्य में चल रही बड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। इस भारी-भरकम निवेश का सीधा लाभ प्रदेश की सड़कों, पुलों और शहरी सुविधाओं के विस्तार में देखने को मिलेगा।
कहां खर्च होगा 1800 करोड़ का बजट?
वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस राशि को उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर खर्च किया जाएगा जो राज्य की जीडीपी (GDP) में सीधा योगदान देते हैं:
- सड़क और सेतु निर्माण: दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में नई सड़कों के जाल और जर्जर पुलों के पुनर्निर्माण के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है।
- स्वास्थ्य और शिक्षा ढांचा: जिला अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद और मॉडल स्कूलों के निर्माण कार्य को इस राशि से गति दी जाएगी।
- पर्यटन सुविधाएं: चारधाम मार्ग और मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत आने वाले तीर्थस्थलों पर यात्री सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा।
‘डबल इंजन’ सरकार का फायदा: त्वरित मंजूरी और बजट
मुख्यमंत्री ने इस वित्तीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया।
- वित्तीय समन्वय: मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही विचारधारा की सरकार होने से जटिल परियोजनाओं को न केवल जल्दी मंजूरी मिल रही है, बल्कि फंड की कमी भी आड़े नहीं आ रही है।
- आत्मनिर्भर उत्तराखंड: यह निवेश राज्य के ‘विकसित उत्तराखंड @25’ के संकल्प को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।
आर्थिक विशेषज्ञों की राय: बढ़ेगा रोजगार
आर्थिक जानकारों का मानना है कि पूंजीगत निवेश में वृद्धि से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- स्थानीय ठेकेदारों और मजदूरों को लाभ: जब निर्माण कार्य बढ़ते हैं, तो स्थानीय स्तर पर कौशल विकास और मजदूरी के अवसर सृजित होते हैं।
- निजी निवेश का आकर्षण: बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होने से औद्योगिक क्षेत्रों (जैसे सिडकुल) में निजी कंपनियां भी निवेश के लिए आकर्षित होंगी।
समयबद्ध पूरा करने की चुनौती
राज्य सरकार ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस बजट का उपयोग पारदर्शी तरीके से और निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए।
- नियमित मॉनिटरिंग: मुख्य सचिव स्तर पर इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी ताकि बजट का लैप्स (Lapse) न हो।
- क्वालिटी कंट्रोल: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
“केंद्र सरकार से मिले 1800 करोड़ रुपये उत्तराखंड के विकास रथ को नई ऊर्जा देंगे। यह केवल बजट नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है। हम हर पैसे का उपयोग प्रदेश की जनता के जीवन को सुगम बनाने के लिए करेंगे।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड





