Thursday, March 5, 2026

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‘विजिबिलिटी जीरो, रनवे नहीं दिख रहा…’: बारामती क्रैश से पहले पायलट के ये थे आखिरी शब्द; ATC और कॉकपिट के बीच हुई बातचीत का बड़ा खुलासा

पुणे/बारामती: बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, दुर्घटना से ठीक पहले के वे खौफनाक पल सामने आ रहे हैं। ‘ब्लैक बॉक्स’ और एटीसी (ATC) लॉग से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना से महज कुछ सेकंड पहले पायलट और कंट्रोल टावर के बीच हुई बातचीत से स्पष्ट होता है कि तकनीकी खराबी के साथ-साथ खराब दृश्यता (Visibility) भी इस हादसे की बड़ी वजह बनी। पायलट ने अपने अंतिम संदेश में रनवे दिखाई न देने और विमान पर नियंत्रण खोने की बात कही थी।

हादसे से 2 मिनट पहले: एटीसी और पायलट का संवाद

सूत्रों के अनुसार, विमान जब लैंडिंग के लिए नीचे आ रहा था, तब पायलट और एटीसी के बीच कुछ इस तरह बातचीत हुई:

  • पायलट: “बारामती टावर, यह VT-SSK है। हम लैंडिंग गियर डाउन कर चुके हैं। रनवे की दूरी 5 नॉटिकल मील है, लेकिन विजिबिलिटी बहुत कम है।”
  • ATC: “VT-SSK, कॉपी किया। रनवे 11 क्लियर है, लेकिन हवा की गति तेज है। सावधानी बरतें।”
  • पायलट (घबराई आवाज में): “टावर, हमें रनवे ठीक से दिखाई नहीं दे रहा है… अचानक धुंध (Fog) बढ़ गई है। विजिबिलिटी जीरो है।”
  • ATC: “VT-SSK, गो-अराउंड (वापस उड़ान भरें) का प्रयास करें। रनवे पर लैंड न करें।”
  • पायलट (अंतिम संदेश): “हम कोशिश कर रहे हैं… लेकिन इंजन में कुछ दिक्कत लग रही है… कंट्रोल नहीं… रनवे नहीं दिख रहा…” (इसके बाद संपर्क टूट गया)।

लैंडिंग गियर में खराबी और ‘विंड शीयर’ का कॉम्बिनेशन

जांच दल (AAIB) के अनुसार, केवल खराब मौसम ही इस हादसे का कारण नहीं था।

  1. इंजन और गियर की समस्या: पायलट की बातचीत से संकेत मिलता है कि अंतिम क्षणों में विमान के इंजन ने भी साथ छोड़ दिया था, जिससे विमान ‘गो-अराउंड’ (दोबारा ऊपर जाने) की स्थिति में नहीं था।
  2. सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश बनी काल: रनवे न दिखने के कारण पायलट ने अनुमान के आधार पर विमान उतारने की कोशिश की, लेकिन विमान रनवे के कच्चे हिस्से से टकरा गया और फ्यूल टैंक फटने से धमाका हो गया।

ब्लैक बॉक्स से खुलेंगे और भी राज

दुर्घटनास्थल से बरामद ‘फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर’ (FDR) और ‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर’ (CVR) को जांच के लिए दिल्ली भेज दिया गया है।

  • अंतिम 30 मिनट: ब्लैक बॉक्स से विमान के इंजन के तापमान, दबाव और कॉकपिट के भीतर पायलटों के बीच हुई आपसी बातचीत का विस्तृत ब्योरा मिलेगा।
  • जांच का दायरा: नागरिक उड्डयन मंत्रालय यह भी जांच कर रहा है कि क्या बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए पर्याप्त ‘इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम’ (ILS) कार्य कर रहा था या नहीं।

प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार

महाराष्ट्र सरकार और विमानन विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम बारामती एयरपोर्ट पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट में एटीसी अधिकारियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं, जिन्होंने पुष्टि की है कि अंतिम क्षणों में पायलट की आवाज में काफी तनाव और घबराहट थी।

“पायलट ने रनवे न दिखने की सूचना दी थी और वे वापस मुड़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अचानक हुए तकनीकी फेलियर और कम ऊंचाई के कारण उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला।” — अधिकारी, नागरिक उड्डयन विभाग (DGCA)

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