Thursday, March 5, 2026

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उत्तराखंड में 92 दिनों का सूखा खत्म: पहाड़ों पर जोरदार बर्फबारी से लौटी रौनक, आज भी भारी वर्षा और हिमस्खलन का अलर्ट

देहरादून/चमोली: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले तीन महीनों से जारी सूखे और प्यासी वादियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। राज्य में 92 दिनों के लंबे अंतराल के बाद ऊंची चोटियों से लेकर निचले पहाड़ी इलाकों तक जोरदार बर्फबारी दर्ज की गई है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत प्रमुख पर्यटक स्थलों ने बर्फ की मोटी सफेद चादर ओढ़ ली है। हालांकि, इस सुखद मौसम के साथ ही मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश और हिमस्खलन (Avalanche) की चेतावनी जारी कर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

तीन महीने बाद मुस्कुराईं वादियां

अक्टूबर के अंत से ही उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की कमी देखी जा रही थी, जिससे न केवल पर्यटन प्रभावित हो रहा था, बल्कि खेती और सेब के बागानों पर भी संकट मंडरा रहा था। शनिवार को हुए इस मौसमी बदलाव ने किसानों और बागवानों के चेहरे पर खुशी लौटा दी है।

  • प्रमुख स्थलों पर बर्फ: चमोली के औली, रुद्रप्रयाग के चोपता और उत्तरकाशी के हर्षिल में एक से दो फीट तक बर्फ जम चुकी है।
  • निचले इलाकों में बारिश: पहाड़ों में बर्फबारी के साथ ही देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है।

मौसम विभाग का ‘ऑरेंज अलर्ट’ और हिमस्खलन की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के पांच जिलों—उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर—में आज भी भारी बर्फबारी का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

  • हिमस्खलन का खतरा: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी के कारण ‘हिमस्खलन’ की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और ट्रेकर्स (Trekkers) को ग्लेशियर वाले इलाकों की ओर न जाने की सख्त सलाह दी है।
  • सड़कें बाधित: बर्फबारी के चलते गंगोत्री और बद्रीनाथ हाईवे समेत कई लिंक रोड बंद हो गए हैं, जिन्हें खोलने के लिए बीआरओ (BRO) की मशीनें तैनात की गई हैं।

पर्यटन और कृषि को संजीवनी

इस बर्फबारी को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए ‘संजीवनी’ माना जा रहा है।

  1. विंटर टूरिज्म: औली और मसूरी जैसे हिल स्टेशनों पर पर्यटकों की आमद अचानक बढ़ गई है, जिससे होटल कारोबारियों में उत्साह है।
  2. खेती को लाभ: विशेषज्ञों के अनुसार, यह बर्फबारी रबी की फसल और सेब की ‘चिलिंग ऑवर्स’ की जरूरत को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी थी।

प्रशासन की तैयारी: यात्रा पर निगरानी

मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बर्फबारी वाले इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति सुचारू रखें। चारधाम क्षेत्र में तैनात सुरक्षा कर्मियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे पहाड़ों की यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी और मार्ग की स्थिति जरूर जांच लें।

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