Thursday, March 5, 2026

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बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित: बसंत पंचमी पर तय हुआ शुभ मुहूर्त, श्रद्धालुओं में उत्साह

नरेन्द्रनगर/ऋषिकेश: विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा २०२६ के लिए भगवान बद्रीविशाल के कपाट खुलने की शुभ तिथि और समय का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। टिहरी राजदरबार में आयोजित पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान और बसंत पंचमी के पावन पर्व पर पंचांग गणना के बाद यह निर्णय लिया गया कि ठीक तीन माह बाद, मई माह के शुभ मुहूर्त में धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

शुभ मुहूर्त और समय की गणना

राजमहल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महाराजा मनुजेंद्र शाह की उपस्थिति में राजपुरोहितों ने पंचांग का अध्ययन किया। घोषित तिथि के अनुसार:

  • कपाट खुलने का समय: ब्रह्म मुहूर्त में सुबह ४:१५ बजे
  • तिथिवार: अक्षय तृतीया के समीपवर्ती शुभ नक्षत्रों में कपाट खोले जाएंगे।
  • गाडू घड़ा यात्रा: कपाट खुलने से पूर्व भगवान के अभिषेक हेतु ‘तिल के तेल’ की कलश यात्रा (गाडू घड़ा यात्रा) की तिथि भी निर्धारित कर दी गई है।

परंपरा और धार्मिक अनुष्ठान

बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि घोषित करने की परंपरा सदियों पुरानी है, जो हर साल बसंत पंचमी के दिन टिहरी राजपरिवार द्वारा निभाई जाती है। इस अवसर पर बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पदाधिकारी, धर्माधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और आने वाली यात्रा के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की गई।

प्रशासन और मंदिर समिति की तैयारियाँ

कपाट खुलने की तिथि की घोषणा के साथ ही उत्तराखंड प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रा की तैयारियों को तेज कर दिया है।

  • बर्फ की सफाई: शीतकाल के दौरान धाम में जमी भारी बर्फ को हटाने का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
  • पंजीकरण: श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण (Registration) की प्रक्रिया भी जल्द ही सक्रिय कर दी जाएगी।
  • सुविधाएँ: पैदल मार्ग की मरम्मत, बिजली-पानी की व्यवस्था और यात्रियों के ठहरने के इंतज़ामों की समीक्षा की जा रही है।

श्रद्धालुओं का इंतज़ार होगा खत्म

कपाट खुलने की तिथि घोषित होते ही देशभर के तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। वर्तमान में भगवान बद्रीविशाल की शीतकालीन पूजा पांडुकेश्वर के योगध्यान बद्री मंदिर में चल रही है। कपाट खुलने के बाद भगवान की डोली गाजे-बाजे के साथ अपने मुख्य धाम की ओर प्रस्थान करेगी।

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