टिहरी/नई टिहरी: उत्तराखंड के टिहरी जिले में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति की जान चली गई है। घटना उस समय हुई जब एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई और लगभग 200 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुँची, लेकिन तब तक कार चालक दम तोड़ चुका था। पहाड़ी रास्तों पर कोहरे और मोड़ पर नियंत्रण खोने की वजह से हुए इस हादसे ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग के खतरों को उजागर कर दिया है।
कैसे हुआ हादसा: प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की जुबानी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुई कार उत्तर प्रदेश के नंबर वाली थी:
- हादसे का समय: यह घटना सुबह के समय हुई जब कार टिहरी के मुख्य मार्ग से गुजर रही थी। एक तीखे मोड़ पर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया।
- गहरी खाई में समाई कार: नियंत्रण खोते ही कार पैरापेट को तोड़ते हुए लगभग 200 मीटर नीचे सीधी खाई में गिर गई। गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
- चालक की शिनाख्त: मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के निवासी के रूप में हुई है, जो वाहन चला रहा था। पुलिस ने उनके पास मिले दस्तावेजों के आधार पर परिजनों को सूचित कर दिया है।
चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन: SDRF की टीम ने संभाला मोर्चा
गहरी खाई और दुर्गम ढलान होने के कारण शव को बाहर निकालना प्रशासन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था:
- सूचना और कार्रवाई: स्थानीय ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने के बाद पास के थाने की पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुँची।
- रस्सियों का सहारा: रेस्क्यू टीम ने रस्सियों और स्ट्रेचर की मदद से गहरी खाई में उतरकर कार तक पहुँच बनाई।
- मृत घोषित: जब टीम नीचे पहुँची, तो चालक वाहन के भीतर मृत अवस्था में मिला। कड़ी मशक्कत के बाद शव को सड़क तक लाया गया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
हादसे के संभावित कारण: सुरक्षा पर उठे सवाल
पुलिस इस दुर्घटना के पीछे के तकनीकी और मानवीय कारणों की जांच कर रही है:
- अनजान रास्ते: अक्सर मैदानी इलाकों के चालक पहाड़ों के कठिन मोड़ों और ढलानों से परिचित नहीं होते, जो दुर्घटना का एक बड़ा कारण बनता है।
- नींद या थकान: लंबी दूरी तय करने के कारण चालक को नींद की झपकी आना या थकान होना भी एक संभावित कारण माना जा रहा है।
- कोहरा और फिसलन: सर्दियों के मौसम में सुबह के समय रास्तों पर पाला (ओस) जमा होने से सड़कें फिसलनी हो जाती हैं, जिससे ब्रेक कम प्रभावी हो जाते हैं।
निष्कर्ष: सावधानी ही बचाव है
टिहरी पुलिस ने इस घटना के बाद पर्यटकों और अन्य राज्य के चालकों से अपील की है कि वे पहाड़ी रास्तों पर गति सीमा का पालन करें और मोड़ों पर विशेष सावधानी बरतें। इस दुखद हादसे ने उत्तर प्रदेश में मृतक के घर में मातम फैला दिया है। पुलिस कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया में जुटी है।





