Thursday, March 5, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

नोबेल विवाद में मर्यादा लांघी: ‘मानसिक रूप से बीमार हैं ट्रंप’, नोबेल पुरस्कार पर नॉर्वे के PM को लिखे पत्र पर अमेरिकी सांसद का विवादित बयान

वाशिंगटन/ओस्लो: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिलाने की कोशिशों पर अमेरिका के भीतर ही तीखा विरोध शुरू हो गया है। हाल ही में ट्रंप समर्थकों द्वारा नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर को लिखे गए एक पत्र, जिसमें ट्रंप को शांति पुरस्कार का सबसे योग्य उम्मीदवार बताया गया था, उस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक वरिष्ठ अमेरिकी सांसद ने बेहद विवादित बयान दिया है। सांसद ने सार्वजनिक रूप से कहा कि “डोनाल्ड ट्रंप मानसिक रूप से बीमार हैं” और उन्हें किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मान के बजाय उपचार की आवश्यकता है। इस बयान ने न केवल रिपब्लिकन पार्टी को नाराज कर दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। सांसद का तर्क है कि ट्रंप की नीतियां और उनके हालिया पत्र केवल ‘अहंकार’ का प्रदर्शन हैं, न कि विश्व शांति के प्रति कोई वास्तविक योगदान।

विवाद की जड़: वह पत्र जिसने आग सुलगाई

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब ट्रंप के करीबी सहयोगियों और कुछ सांसदों ने नॉर्वे की नोबेल समिति को प्रभावित करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा:

  • पत्र की विषय-वस्तु: पत्र में दावा किया गया था कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल में ‘अब्राहम एकॉर्ड’ के जरिए मध्य पूर्व में जो शांति स्थापित की, वह ऐतिहासिक है और इसके लिए उन्हें तुरंत नोबेल मिलना चाहिए।
  • नॉर्वे के PM का रुख: प्रधानमंत्री स्टोर ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकार का नोबेल चयन में कोई हस्तक्षेप नहीं होता, लेकिन इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिकी विपक्ष (डेमोक्रेट्स) ने इसे ‘दबाव की राजनीति’ करार दिया।

सांसद के तीखे प्रहार: “मानसिक स्थिति पर सवाल”

अमेरिकी सांसद ने ट्रंप की उम्मीदवारी को खारिज करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:

  1. व्यवहार पर टिप्पणी: सांसद ने कहा कि ट्रंप द्वारा खुद को पुरस्कार देने की बार-बार मांग करना उनकी “अस्थिर मानसिक स्थिति” और “आत्ममुग्धता” (Narcissism) का प्रमाण है।
  2. लोकतंत्र को खतरा: उन्होंने आरोप लगाया कि जो व्यक्ति अपने ही देश के लोकतांत्रिक संस्थानों पर सवाल उठाता हो, वह ‘शांति पुरस्कार’ का हकदार कैसे हो सकता है?
  3. विभाजनकारी राजनीति: बयान में कहा गया कि ट्रंप ने शांति के बजाय दुनिया भर में केवल विभाजन और विवादों को जन्म दिया है।

रिपब्लिकन खेमे की जवाबी कार्रवाई

सांसद के इस बयान के बाद ट्रंप समर्थकों और रिपब्लिकन पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है:

  • अपमानजनक भाषा का विरोध: रिपब्लिकन नेताओं ने इसे “घृणा की राजनीति” बताते हुए कहा कि विपक्ष ट्रंप की लोकप्रिय उपलब्धियों से डरा हुआ है।
  • उपलब्धियों का हवाला: समर्थकों ने एक बार फिर दोहराया कि ट्रंप दशकों बाद पहले ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति थे जिन्होंने कोई नया युद्ध शुरू नहीं किया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

 

नोबेल शांति पुरस्कार, जो कभी शांति और कूटनीति का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता था, अब अमेरिकी घरेलू राजनीति के अखाड़े में तब्दील हो गया है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री को लिखे पत्र और उसके बाद आई इस अपमानजनक टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ट्रंप का नाम शांति पुरस्कार के लिए जितना बड़ा कूटनीतिक मुद्दा है, उससे कहीं अधिक वह एक ध्रुवीकरण करने वाला राजनीतिक विषय बन चुका है। अब सबकी नजरें नॉर्वे की नोबेल समिति पर हैं कि वह इन राजनीतिक शोर-शराबे के बीच अपना निर्णय कैसे लेती है।

Popular Articles