Thursday, March 5, 2026

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छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पूरी तरह सील; वाहन चालकों से बेरहमी से मारपीट के बाद भड़का आक्रोश

महासमुंद/नुआपाड़ा: छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर स्थित सरायपाली-सोहेला मार्ग पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। वाहन चालकों के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार के विरोध में उभरे विवाद के बाद दोनों राज्यों की सीमा को सील कर दिया गया है। इस गतिरोध के कारण नेशनल हाईवे पर ट्रकों, बसों और निजी वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे हजारों यात्री और चालक भीषण गर्मी और सुविधाओं के अभाव में फंस गए हैं। विवाद की शुरुआत एक मामूली सड़क दुर्घटना या कहासुनी से हुई बताई जा रही है, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस मौके पर तैनात है, लेकिन माहौल अब भी संवेदनशील बना हुआ है।

विवाद की जड़: मारपीट और लूटपाट के आरोप

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सीमा पर तनाव की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

  • चालकों के साथ बर्बरता: आरोप है कि सीमा पार करते समय कुछ स्थानीय उपद्रवियों ने दूसरे राज्य के वाहन चालकों को रोककर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
  • वाहनों में तोड़फोड़: मारपीट के बाद आक्रोशित भीड़ ने कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए, जिससे चालकों में डर बैठ गया और उन्होंने सुरक्षा की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया।
  • बदले की कार्रवाई: एक तरफ के चालकों के साथ हुई घटना की खबर मिलते ही दूसरी तरफ के लोगों ने भी विरोध स्वरूप सीमा को अवरुद्ध कर दिया, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।

यात्रियों और परिवहन क्षेत्र पर असर

बॉर्डर सील होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है:

  1. सैकड़ों वाहन फंसे: छत्तीसगढ़ से ओडिशा जाने वाले और वहां से आने वाले मालवाहक ट्रक बीच रास्ते में ही फंस गए हैं, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है।
  2. यात्रियों की फजीहत: अंतरराज्यीय बसों के फंसने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भोजन और पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कई यात्री पैदल ही सीमा पार करने को मजबूर हैं।
  3. आर्थिक नुकसान: ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सीमा बंद रहने से प्रतिदिन लाखों रुपये का व्यापारिक नुकसान हो रहा है।

प्रशासनिक पहल और पुलिस की तैनाती

बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है:

  • संयुक्त बैठक की तैयारी: महासमुंद (छत्तीसगढ़) और नुआपाड़ा (ओडिशा) जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर की बातचीत शुरू हो गई है ताकि मामले को शांतिपूर्वक सुलझाया जा सके।
  • सुरक्षा बल तैनात: सीमावर्ती थानों की पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील पॉइंट्स पर अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है ताकि फिर से कोई हिंसक झड़प न हो।
  • दोषियों की पहचान: पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले उपद्रवियों की पहचान कर रही है।

 

दोनों राज्यों के बीच यह सीमा विवाद केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इससे अंतरराज्यीय संबंधों और व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। जब तक मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी और चालकों की सुरक्षा का पुख्ता आश्वासन नहीं मिलता, तब तक गतिरोध खत्म होने के आसार कम नजर आ रहे हैं। यात्रियों और चालकों की निगाहें अब अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।

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