हल्द्वानी: उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में छाए घने कोहरे ने आज सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग पर तांडव मचाया। हल्द्वानी-बरेली हाईवे पर कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड रोडवेज की तीन बसें एक के बाद एक आपस में भिड़ गईं। इस त्रिकोणीय टक्कर में बसों में सवार 16 यात्री घायल हो गए हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा इतना जोरदार था कि बसों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और केबिन में बैठे यात्री सीटों के बीच फंस गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घायलों को उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोहरे के कारण चालक सड़क का अंदाजा नहीं लगा पाए:
- कम विजिबिलिटी: सुबह के वक्त कोहरा इतना घना था कि 5 मीटर की दूरी भी दिखाई नहीं दे रही थी। हाईवे पर आगे चल रही एक बस ने अचानक ब्रेक मारे, जिसके पीछे आ रही दो अन्य बसें असंतुलित होकर उससे टकरा गईं।
- बसों की टक्कर: टक्कर में उत्तराखंड परिवहन निगम की एक और उत्तर प्रदेश रोडवेज की दो बसें शामिल हैं। टक्कर लगते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
- फंसे रहे यात्री: बसों के दरवाजे जाम होने के कारण कई यात्रियों को खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया।
राहत और उपचार की स्थिति
हादसे के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों की मदद की:
- अस्पताल में भर्ती: सभी 16 घायलों को एम्बुलेंस के जरिए हल्द्वानी के बेस अस्पताल और सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय पहुँचाया गया।
- गंभीर घायल: घायल यात्रियों में से तीन को सिर और सीने में गहरी चोटें आई हैं, जिन्हें आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया है। अन्य यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
- वैकल्पिक व्यवस्था: सुरक्षित बचे यात्रियों को दूसरी बसों के माध्यम से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
पुलिस और प्रशासन की चेतावनी
हादसे के बाद पुलिस ने हाईवे पर यातायात बहाल कराया और खराब बसों को क्रेन की मदद से सड़क किनारे किया:
- सावधानी की अपील: एसपी सिटी ने वाहन चालकों से अपील की है कि घने कोहरे के दौरान वाहनों की गति धीमी रखें और ‘फॉग लाइट्स’ व ‘इंडिकेटर्स’ का निरंतर प्रयोग करें।
- मुकदमा और जांच: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या किसी बस चालक द्वारा लापरवाही बरती गई या यह महज मौसम जनित दुर्घटना थी।
- हाईवे पर गश्त: कोहरे को देखते हुए हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सक्रिय कर दिया गया है ताकि खराब मौसम में दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष: मौसम का बदलता मिजाज और बढ़ता खतरा
पहाड़ों से लेकर मैदानों तक कोहरे और पाले की वजह से सड़कें असुरक्षित हो गई हैं। हल्द्वानी का यह हादसा एक चेतावनी है कि सर्दियों के मौसम में जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रोडवेज प्रबंधन को भी रात और सुबह के समय बसों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की आवश्यकता है।





