देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज नर्सिंग बेरोजगारों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ‘वर्षवार भर्ती’ (Seniority Based Recruitment) की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में नर्सिंग अभ्यर्थी परेड ग्राउंड में इकट्ठा हुए और वहां से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए सचिवालय और कनक चौक के पास भारी बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। आंदोलित युवाओं का कहना है कि वे लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रही है।
क्या हैं नर्सिंग बेरोजगारों की मुख्य मांगें?
प्रदर्शनकारी नर्सिंग बेरोजगार संघ ने सरकार के सामने अपनी शर्तें स्पष्ट की हैं:
- वर्षवार नियुक्ति: युवाओं की सबसे प्रमुख मांग है कि नर्सिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया को वरिष्ठता (वर्षवार) के आधार पर संपन्न किया जाए, ताकि पुराने बैच के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिल सके।
- पदों में वृद्धि: बेरोजगारों की मांग है कि स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग में रिक्त पड़े नर्सिंग अधिकारियों के पदों को जल्द से जल्द विज्ञापित किया जाए।
- भर्ती प्रक्रिया में तेजी: पिछले काफी समय से लटकी हुई भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तरीके से और समय सीमा के भीतर पूरा करने की मांग की जा रही है।
पुलिसिया कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों का आक्रोश
जैसे ही प्रदर्शनकारी सीएम आवास के करीब पहुँचे, माहौल तनावपूर्ण हो गया:
- बैरिकेडिंग पर चढ़े युवा: पुलिस द्वारा रोके जाने पर कई अभ्यर्थी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
- हिरासत की कोशिश: पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और कुछ नेताओं को हिरासत में लेने की कोशिश की, जिसका भारी विरोध हुआ।
- जाम की स्थिति: प्रदर्शन के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर घंटों तक ट्रैफिक जाम रहा, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सरकार का रुख और आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन के कुछ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रशासन का कहना है कि:
- भर्ती प्रक्रिया को लेकर नियमावली का अध्ययन किया जा रहा है।
- सरकार युवाओं के हितों का ध्यान रखते हुए जल्द ही कोई बीच का रास्ता निकालने का प्रयास करेगी।
- हालांकि, प्रदर्शनकारी किसी भी ‘कोरे आश्वासन’ को मानने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक ठोस आदेश जारी नहीं होते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
निष्कर्ष: आर-पार की लड़ाई के मूड में युवा
नर्सिंग बेरोजगारों का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि प्रदेश के शिक्षित युवाओं में रोजगार को लेकर भारी असंतोष है। परेड ग्राउंड में डटे अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे सामूहिक रूप से आमरण अनशन शुरू करेंगे। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या नर्सिंग भर्ती की उलझन सुलझ पाती है।





