Saturday, January 31, 2026

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अरुणाचल में कुदरत का कहर: जमी हुई झील पर टहलते समय टूटी बर्फ की चादर; केरल के तीन पर्यटक डूबे, एक की मौत, दो को सुरक्षित निकाला गया

ईटानगर/तवांग: अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ जमी हुई झील के ऊपर टहलना पर्यटकों के एक समूह के लिए भारी पड़ गया। केरल से आए तीन पर्यटक उस समय हादसे का शिकार हो गए जब वे अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित एक जमी हुई झील की सतह पर चल रहे थे और अचानक बर्फ की पतली परत टूट गई। बर्फ टूटने से तीनों पर्यटक शून्य से नीचे के तापमान वाले बर्फीले पानी में समा गए। स्थानीय बचाव दल और सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक पर्यटक की गहरे पानी में डूबने और अत्यधिक ठंड (Hypothermia) के कारण मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा?

यह घटना तवांग के पास स्थित एक ऊंचाई वाली झील की है, जो इन दिनों भीषण ठंड के कारण पूरी तरह जमी हुई दिखाई दे रही थी:

  • असावधानी का परिणाम: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पर्यटक झील के किनारे लगे चेतावनी बोर्डों को नजरअंदाज कर फोटो खिंचवाने और अनुभव लेने के लिए झील की सतह के बीचों-बीच चले गए थे।
  • बर्फ का दरकना: दोपहर के समय धूप पड़ने से बर्फ की ऊपरी परत कमजोर हो गई थी। जैसे ही पर्यटकों का वजन उस पर पड़ा, वह कांच की तरह दरक गई और वे संभलने से पहले ही बर्फीले पानी के नीचे चले गए।
  • बचाव अभियान: शोर सुनकर पास मौजूद स्थानीय लोगों और तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत रस्सियों और लाठियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

मृतक और घायलों की पहचान

प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, तीनों पर्यटक केरल के रहने वाले थे:

  1. दुखद मृत्यु: मृतक की पहचान केरल निवासी एक युवक के रूप में हुई है। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव झील से बाहर निकाला।
  2. घायलों की स्थिति: सुरक्षित निकाले गए दो अन्य पर्यटकों को तत्काल नजदीकी सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर ठंड की चपेट में आने के कारण उनकी स्थिति पर डॉक्टर नजर रख रहे हैं, हालांकि वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

प्रशासन की चेतावनी: “खतरे से न खेलें”

हादसे के बाद अरुणाचल प्रदेश पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है:

  • सतह पर जाने की मनाही: सर्दियों के दौरान ऊंचाई वाली झीलों (जैसे त्सो (Tso) झीलों) की बर्फ ऊपर से ठोस दिखती है, लेकिन वह किसी भी समय टूट सकती है। पर्यटकों को कड़ाई से निर्देशित किया गया है कि वे जमी हुई सतह पर कदम न रखें।
  • गाइड की सलाह: अनजान रास्तों और बर्फीले जलाशयों पर जाने से पहले स्थानीय गाइडों की सलाह लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • गश्त में बढ़ोत्तरी: संवेदनशील इलाकों में पुलिस और होमगार्ड की तैनाती बढ़ाई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

 

अरुणाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन सर्दियों में यहाँ का मौसम जितना खूबसूरत होता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। यह हादसा एक दुखद चेतावनी है कि प्रकृति के नियमों का उल्लंघन जानलेवा हो सकता है। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया है और कानूनी औपचारिकताओं के बाद शव को केरल भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

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