Monday, February 9, 2026

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उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं का आगाज: प्रैक्टिकल एग्जाम आज से शुरू; 21 फरवरी से सजेगा लिखित परीक्षा का मैदान, बोर्ड ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

रामनगर/देहरादून: उत्तराखंड बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए साल की सबसे महत्वपूर्ण घड़ी आ गई है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने प्रदेश भर के केंद्रों पर प्रयोगात्मक परीक्षाएं (Practical Exams) आज से शुरू कर दी हैं। बोर्ड द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इन प्रयोगात्मक परीक्षाओं के संपन्न होने के तुरंत बाद 21 फरवरी से 20 मार्च तक मुख्य लिखित परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। बोर्ड मुख्यालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल विहीन संपन्न कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस वर्ष करीब सवा दो लाख से अधिक छात्र बोर्ड परीक्षाओं में अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं।

प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए विशेष व्यवस्था

बोर्ड ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं:

  • आंतरिक और बाह्य परीक्षक: प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए अनुभवी शिक्षकों को बाह्य परीक्षक (External Examiner) के रूप में नियुक्त किया गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षकों को दूसरे स्कूलों में ड्यूटी दी गई है।
  • अंकों की ऑनलाइन फीडिंग: बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक तत्काल प्रभाव से पोर्टल पर अपलोड किए जाएं ताकि परिणाम घोषित करने में देरी न हो।
  • निगरानी: शिक्षा विभाग की टीमें औचक निरीक्षण कर रही हैं ताकि प्रयोगात्मक परीक्षाओं की गुणवत्ता और गंभीरता बनी रहे।

लिखित परीक्षा का विस्तृत शेड्यूल

लिखित परीक्षाओं के लिए छात्र अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं:

  1. परीक्षा की अवधि: मुख्य परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेंगी।
  2. समय सारिणी: हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षाएं अलग-अलग पालियों में आयोजित की जाएंगी। ज्यादातर प्रमुख विषयों की परीक्षाएं मार्च के प्रथम पखवाड़े में संपन्न हो जाएंगी।
  3. प्रवेश पत्र (Admit Cards): स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि लिखित परीक्षा से पहले सभी छात्रों को प्रवेश पत्र वितरित कर दिए जाएं और उनमें किसी भी त्रुटि को समय रहते सुधार लिया जाए।

नकल रोकने के लिए ‘फ्लाइंग स्क्वाड’ तैनात

बोर्ड ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है:

  • अति संवेदनशील केंद्र: राज्य के दुर्गम और पूर्व में विवादित रहे केंद्रों को ‘अति संवेदनशील’ श्रेणी में रखा गया है, जहाँ पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।
  • सीसीटीवी कैमरों की नजर: सभी प्रमुख केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा कक्षों की निगरानी की जाएगी।
  • कंट्रोल रूम: रामनगर स्थित बोर्ड मुख्यालय में एक केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो सीधे जिलों के परीक्षा केंद्रों से संपर्क में रहेगा।

छात्रों के लिए बोर्ड का संदेश

परिषद के अधिकारियों ने छात्रों को बिना किसी मानसिक तनाव के परीक्षा देने की सलाह दी है। बोर्ड ने स्कूलों से ‘काउंसलिंग सेशन’ आयोजित करने को भी कहा है ताकि छात्रों के भीतर से परीक्षा का भय कम हो सके। शिक्षकों का कहना है कि इस बार प्रश्न पत्रों का पैटर्न छात्र-हितैषी रखा गया है, जिससे बेहतर परिणाम की उम्मीद है।

निष्कर्ष: परिणाम की ओर बढ़ते कदम

उत्तराखंड बोर्ड की ये परीक्षाएं राज्य की शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी वार्षिक कवायद हैं। प्रैक्टिकल परीक्षाओं की शुरुआत के साथ ही शिक्षा विभाग अब लिखित परीक्षाओं के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण और केंद्रों के निर्धारण के अंतिम चरण में है।

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