नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘स्टार्टअप इंडिया’ के एक दशक के सफल सफर का जश्न मनाते हुए देश के युवाओं को भविष्य का पथ-प्रदर्शक बताया। राजधानी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उद्यमियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यदि देश को विकसित राष्ट्र बनाना है, तो हमें चुनौतियों से डरने के बजाय रिस्क लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों में ‘कुर्सी जाने का डर’ इतना अधिक था कि वे बड़े बदलावों और कड़े फैसलों से बचती थीं, लेकिन आज का भारत अपनी युवा शक्ति के दम पर दुनिया को नई राह दिखा रहा है।
पिछली सरकारों और वर्तमान विजन की तुलना
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राजनीतिक और प्रशासनिक मानसिकता में आए बदलाव को रेखांकित किया:
- वोट बैंक बनाम विकास: पीएम ने कहा कि पहले नीति निर्धारण केवल चुनाव और वोट बैंक को ध्यान में रखकर किया जाता था। सरकारों को डर था कि किसी बड़े सुधार से उनकी सत्ता छिन सकती है, जिसके कारण दशकों तक देश की क्षमताएं दबी रहीं।
- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म: उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने राजनीतिक जोखिम उठाए और देश के हित में कड़े आर्थिक सुधार किए, जिसका नतीजा आज भारत के स्टार्टअप ईकोसिस्टम की सफलता के रूप में सबके सामने है।
युवाओं से बोले- ‘असफलता से न डरें’
स्टार्टअप संस्थापकों का उत्साह बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने कुछ प्रमुख बातें कहीं:
- रिस्क तो लेना होगा: पीएम ने युवाओं से कहा कि व्यापार हो या जीवन, बिना जोखिम के कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने युवाओं को ‘इनोवेशन’ (नवाचार) के लिए प्रेरित किया।
- स्टार्टअप संस्कृति: उन्होंने खुशी जताई कि आज भारत का युवा नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बन रहा है। उन्होंने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सबसे बड़ी जीत बताया।
- छोटे शहरों की ताकत: प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अब स्टार्टअप्स केवल दिल्ली या बेंगलुरु तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों से भी बेहतरीन आइडियाज निकलकर सामने आ रहे हैं।
स्टार्टअप इंडिया के 10 साल: एक क्रांति
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक की उपलब्धियों का विवरण भी साझा किया:
- यूनिकॉर्न का गौरव: भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब है और 110 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियों के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमा चुका है।
- सरल प्रक्रियाएं: पीएम ने बताया कि कैसे सरकार ने लालफीताशाही खत्म कर हजारों नियमों को सरल बनाया है ताकि युवा अपने आइडिया को आसानी से बिजनेस में बदल सकें।
निष्कर्ष: 2047 का संकल्प
पीएम मोदी ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि आने वाले 25 साल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा का उपयोग जलवायु परिवर्तन, कृषि और स्वास्थ्य जैसे वैश्विक संकटों का समाधान खोजने में करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार युवाओं के हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और उन्हें किसी भी ‘रिस्क’ से घबराने की जरूरत नहीं है।





