Saturday, January 31, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

वेनेजुएला के ‘ब्लैक गोल्ड’ पर अमेरिका का नियंत्रण: 50 करोड़ डॉलर का कच्चा तेल बेचकर भरा अपना खजाना; मादुरो के हटने के बाद बड़ी आर्थिक कार्रवाई

वॉशिंगटन/कराकस: वेनेजुएला में जारी भारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अमेरिका ने वहां के तेल भंडार पर सीधा नियंत्रण स्थापित करते हुए एक बड़ी व्यापारिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला के स्वामित्व वाले लगभग 50 करोड़ डॉलर (करीब 4,150 करोड़ रुपये) मूल्य के कच्चे तेल की एक बड़ी खेप अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेची है। इस बिक्री से प्राप्त भारी-भरकम राशि को फिलहाल अमेरिकी खातों में जमा किया गया है। व्हाइट हाउस का तर्क है कि इस धन का उपयोग वेनेजुएला के पुनर्निर्माण और वहां की नई लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थिरता प्रदान करने के लिए किया जाएगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इसे वेनेजुएला की संपदा पर अमेरिका के पूर्ण आर्थिक प्रभुत्व की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।

कैसे हुआ तेल पर नियंत्रण? (रणनीतिक कार्रवाई)

निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और अंतरिम सरकार को मान्यता देने के तुरंत बाद अमेरिका ने निम्नलिखित कदम उठाए:

  • PDVSA पर कब्जा: अमेरिका ने वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी ‘पैट्रोलेओस डी वेनेजुएला’ (PDVSA) के प्रबंधन को अपने प्रभाव में ले लिया है।
  • शिपमेंट की अनुमति: लंबे समय से प्रतिबंधों के कारण फंसे हुए तेल टैंकरों को अमेरिकी निगरानी में अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों की ओर रवाना किया गया।
  • अमेरिकी कंपनियों की भूमिका: शेवरॉन (Chevron) जैसी अमेरिकी तेल कंपनियों को वेनेजुएला में उत्पादन बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए विशेष लाइसेंस और छूट प्रदान की गई है।

अमेरिका को क्या होगा फायदा?

इस कदम से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उसकी वैश्विक स्थिति को कई लाभ मिलने की उम्मीद है:

  1. राजस्व में वृद्धि: 50 करोड़ डॉलर की शुरुआती बिक्री से अमेरिकी खजाने में बड़ी राशि आई है, जिसका उपयोग वह वेनेजुएला के पुराने कर्ज की वसूली के लिए भी कर सकता है।
  2. तेल कीमतों पर लगाम: वेनेजुएला का तेल बाजार में आने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने की संभावना है, जिससे अमेरिका में पेट्रोल-डीजल के दाम गिर सकते हैं।
  3. रूस और चीन को झटका: मादुरो शासन के दौरान वेनेजुएला का अधिकांश तेल रूस और चीन को जाता था। अब अमेरिका ने इस आपूर्ति श्रृंखला को तोड़कर अपने प्रतिद्वंद्वियों को आर्थिक चोट पहुंचाई है।

वेनेजुएला की जनता और भविष्य की चुनौतियां

भले ही अमेरिका इसे वेनेजुएला के हित में बता रहा है, लेकिन वहां की आंतरिक स्थिति अभी भी जटिल बनी हुई है:

  • संप्रभुता का सवाल: विपक्षी दलों और कुछ स्थानीय संगठनों ने चिंता जताई है कि वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों पर बाहरी नियंत्रण से देश की संप्रभुता खतरे में पड़ सकती है।
  • मानवीय सहायता: अमेरिका ने वादा किया है कि तेल की बिक्री से होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा वेनेजुएला में भोजन और दवाओं की कमी को दूर करने के लिए खर्च किया जाएगा।
  • पुनर्निर्माण की लागत: दशकों की बदहाली के बाद वेनेजुएला के तेल उद्योग को पूरी तरह आधुनिक बनाने के लिए अरबों डॉलर के निवेश की आवश्यकता है।

 

डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका की यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि वह लैटिन अमेरिका में समाजवाद के प्रभाव को पूरी तरह खत्म कर वहां अपना आर्थिक साम्राज्य स्थापित करना चाहता है। ‘वेनेजुएला का तेल और अमेरिका का खजाना’ अब वैश्विक कूटनीति में एक नया विवादास्पद विषय बन गया है। आने वाले हफ्तों में अमेरिका ऐसे और भी कई सौदे कर सकता है।

Popular Articles