नई दिल्ली: ईरान और इजरायल के बीच गहराते सैन्य तनाव ने भारत सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ईरान में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालातों को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने वहाँ रह रहे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक ‘आकस्मिक योजना’ (Contingency Plan) तैयार की है। इसके साथ ही, इजरायल में मौजूद भारतीय दूतावास ने भी अपने नागरिकों के लिए कड़े दिशानिर्देश और अलर्ट जारी किया है। सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने ईरान में मौजूद अपने दूतावास को निर्देश दिया है कि वे भारतीय छात्रों और कामगारों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल स्वदेश लाने के लिए चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था की जाए।
ईरान में बढ़ता संकट: क्यों चिंतित है भारत?
ईरान के भीतर आंतरिक और बाहरी मोर्चों पर बढ़ती अस्थिरता ने भारतीय कूटनीतिज्ञों को अलर्ट पर रखा है:
- सुरक्षा जोखिम: इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी और संभावित मिसाइल हमलों के डर से ईरान का हवाई क्षेत्र असुरक्षित होता जा रहा है।
- बड़ी संख्या में भारतीय: ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और पेशेवर रहते हैं। सरकार की प्राथमिकता उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- इवेकुएशन रूट: विदेश मंत्रालय वायुसेना और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर संभावित हवाई मार्गों और वैकल्पिक रास्तों पर चर्चा कर रहा है ताकि आपात स्थिति में त्वरित निकासी की जा सके।
इजरायल में ‘हाई अलर्ट’ और भारतीय दूतावास की सलाह
इजरायल पर संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने नई एडवाइजरी जारी की है:
- गैर-जरूरी यात्रा से बचें: दूतावास ने भारतीयों को उन इलाकों में न जाने की सलाह दी है जो युद्ध क्षेत्र के करीब हैं या जिन्हें संवेदनशील घोषित किया गया है।
- शेल्टर होम की जानकारी: नागरिकों को नजदीकी बम शेल्टर और सुरक्षित स्थानों के बारे में जानकारी रखने और आपातकालीन किट तैयार रखने को कहा गया है।
- पंजीकरण अनिवार्य: दूतावास ने सभी भारतीयों से अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने का आग्रह किया है ताकि जरूरत पड़ने पर उन तक आसानी से पहुंचा जा सके।
भारत की कूटनीतिक सक्रियता
प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय इस पूरे घटनाक्रम पर पल-पल की नजर रख रहे हैं:
- शांति की अपील: भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है, क्योंकि इस क्षेत्र में युद्ध का असर वैश्विक तेल कीमतों और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ेगा।
- कंट्रोल रूम की स्थापना: दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने 24×7 हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है ताकि वहां फंसे लोगों के परिजन जानकारी प्राप्त कर सकें।
भारत सरकार के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है क्योंकि दोनों ही देशों के साथ भारत के सामरिक और आर्थिक संबंध महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, वर्तमान स्थिति में सरकार का मुख्य फोकस भारतीय प्रवासियों की सुरक्षित घर वापसी पर है। आने वाले 48 घंटे इस क्षेत्र की स्थिरता के लिए बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं।





