Monday, January 12, 2026

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नैनीताल: मौत के मुहाने से लौटी महिला; नैनी झील में कूदकर जान देने की कोशिश, नाव चालक और पुलिस की मुस्तैदी ने बचाया

नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला ने अचानक नैनी झील में छलांग लगा दी। गनीमत रही कि पास ही मौजूद एक सतर्क नाव चालक और तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने अपनी जान पर खेलकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस साहसिक बचाव कार्य ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। प्राथमिक जांच में महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है।

कैसे घटी घटना?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय एक महिला मल्लीताल क्षेत्र के पास झील के किनारे काफी देर से संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही थी।

  • अचानक झील में छलांग: इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महिला ने अचानक रेलिंग के पास से झील के गहरे पानी में छलांग लगा दी।
  • मच गई चीख-पुकार: महिला को डूबता देख किनारे पर मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।

देवदूत बनकर आए नाव चालक और पुलिसकर्मी

महिला को पानी में संघर्ष करता देख पास ही मौजूद एक नाव चालक (बोटमैन) ने फुर्ती दिखाते हुए अपनी नाव उस ओर मोड़ दी।

  1. साहसिक रेस्क्यू: शोर सुनकर पास ही गश्त कर रहे पुलिसकर्मी भी तत्काल मौके पर पहुंचे। नाव चालक और पुलिसकर्मियों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद डूब रही महिला को पानी से बाहर निकाला।
  2. बेहोशी की हालत: पानी अधिक पी लेने और ठंड के कारण महिला बेहोशी की स्थिति में थी। उसे तुरंत किनारे लाया गया जहाँ पुलिस ने उसे प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया।

अस्पताल में भर्ती, परिजनों की तलाश जारी

महिला को तत्काल बीडी पांडे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसका उपचार कर रही है।

  • मानसिक स्थिति: डॉक्टरों और पुलिस के अनुसार, महिला की बातों में निरंतरता नहीं है और वह मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत हो रही है। इसी कारण वह अपना नाम और घर का पता बताने में असमर्थ है।
  • पुलिस की कार्रवाई: कोतवाली पुलिस ने महिला की फोटो और हुलिया आसपास के थानों में भेज दिया है ताकि उसके परिजनों का पता लगाया जा सके।

प्रशासन ने की नाव चालक की सराहना

झील में डूबती जान बचाने वाले नाव चालक की स्थानीय प्रशासन और पर्यटकों ने जमकर सराहना की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि नाव चालक समय पर सक्रिय न होता, तो महिला की जान बचाना मुश्किल हो जाता।

निष्कर्ष: सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने नैनी झील के किनारे सुरक्षा प्रबंधों और पर्यटकों की निगरानी को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि झील के किनारे संवेदनशील पॉइंट्स पर सुरक्षा गार्डों की तैनाती बढ़ाई जानी चाहिए ताकि ऐसी अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके।

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