देहरादून/राज्य ब्यूरो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 23 नई खेल अकादमी (Sports Academies) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन अकादमियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक खेल उपकरण और बेहतर डाइट की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2028 और 2032 के ओलंपिक खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतकर लाएं।
कैसा होगा खेल अकादमियों का स्वरूप?
सरकार की योजना के अनुसार, ये 23 अकादमियां केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि इन्हें ब्लॉक और तहसील स्तर पर भी विकसित किया जाएगा।
- विशिष्ट खेलों पर फोकस: प्रत्येक अकादमी में उन खेलों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके लिए उस क्षेत्र की जलवायु और भौगोलिक स्थिति अनुकूल है। उदाहरण के लिए, ऊधमसिंह नगर में एथलेटिक्स और फुटबॉल, तो पहाड़ी जनपदों में तीरंदाजी (Archery) और मुक्केबाजी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- आधुनिक प्रशिक्षण: इन केंद्रों पर राष्ट्रीय स्तर के कोच नियुक्त किए जाएंगे, जो उभरते खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीकों की बारीकियां सिखाएंगे।
खिलाड़ियों के लिए ‘उद्यमान’ और ‘प्रोत्साहन’ योजना का विस्तार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई अकादमियों की स्थापना के साथ-साथ खिलाड़ियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा:
- छात्रवृत्ति और किट: खिलाड़ियों को खेल किट और मासिक छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
- कैशलेस कार्ड की सुविधा: खेल के दौरान चोटिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वास्थ्य बीमा और कैशलेस इलाज की व्यवस्था को भी इन अकादमियों से जोड़ा जाएगा।
- रोजगार के अवसर: सीएम धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार ने ‘खिलाड़ी कोटा’ को पुनर्जीवित किया है, जिससे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती का लाभ मिलेगा।
पहाड़ की प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच
अब तक उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय कोचिंग के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।
- पलायन पर रोक: गांव में ही विश्वस्तरीय सुविधा मिलने से खेल के कारण होने वाले पलायन में कमी आएगी।
- बुनियादी ढांचे का विकास: इन 23 अकादमियों के निर्माण के लिए शिक्षा और खेल विभाग मिलकर बजट आवंटित करेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर स्टेडियमों और छात्रावासों (Hostels) का कायाकल्प होगा।
मुख्यमंत्री का विजन: ‘विकसित उत्तराखंड, स्वस्थ युवा’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “उत्तराखंड के युवाओं में असीमित क्षमता है। हमारी सरकार का संकल्प है कि संसाधनों के अभाव में कोई भी प्रतिभा पीछे न छूटे। ये 23 खेल अकादमियां प्रदेश के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होंगी और यहाँ के युवा दुनिया भर में तिरंगा लहराएंगे।”
निष्कर्ष: खेल संस्कृति को बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से राज्य में ‘स्पोर्ट्स कल्चर’ को मजबूती मिलेगी। सरकार की इस घोषणा के बाद खेल प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। खेल विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अकादमियों के लिए भूमि चयन और डीपीआर (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।





