मुंबई के गोरेगांव में दर्दनाक हादसा: फ्लैट में लगी भीषण आग, दम घुटने से महिला समेत तीन लोगों की मौत
मुंबई/ब्यूरो: आर्थिक राजधानी मुंबई के गोरेगांव इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक रिहायशी इमारत के फ्लैट में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में झुलसने और धुएं के कारण दम घुटने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें एक महिला भी शामिल है। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है और दमकल विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।
तड़के सुबह हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग गोरेगांव (पश्चिम) स्थित एक बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में लगी। हादसा उस समय हुआ जब घर के सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को काले धुएं ने अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय निवासियों ने खिड़कियों से धुआं निकलता देख तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी।
दम घुटने के कारण हुई मौतें
दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। फ्लैट के भीतर फंसे तीन लोग धुएं के गुबार के बीच फंस गए।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: दमकल विभाग के जवानों ने दरवाजा तोड़कर तीनों को बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
- डॉक्टरों की घोषणा: अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक धुआं फेफड़ों में भर जाने के कारण ऑक्सीजन की कमी हुई, जिससे दम घुटने से उनकी जान चली गई।
आग का कारण और जांच
दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह ‘शॉर्ट सर्किट’ होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, सटीक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम और इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर की मदद ली जा रही है। अधिकारियों ने यह भी जांच शुरू कर दी है कि क्या इमारत में लगे अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) कार्यशील स्थिति में थे या नहीं।
स्थानीय प्रशासन की चेतावनी
मुंबई नगर निगम (BMC) और दमकल विभाग ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों की पुरानी वायरिंग की समय-समय पर जांच करवाते रहें। साथ ही, ऊंची इमारतों में फायर अलार्म और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।





