Monday, January 12, 2026

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वन विभाग और एसटीएफ का बड़ा एक्शन: गुलदार की खालें और भारी मात्रा में हड्डियां बरामद, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का पर्दाफाश

देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ वन विभाग और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने छापेमारी के दौरान गुलदार (तेंदुए) की खालें और भारी मात्रा में वन्यजीवों की हड्डियां बरामद की हैं। इस कार्रवाई ने राज्य में सक्रिय शिकारी और तस्कर गिरोहों के बीच हड़कंप मचा दिया है।

खुफिया सूचना पर बिछाया गया जाल

एसटीएफ को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि वन्यजीव तस्करों का एक गिरोह राज्य के संरक्षित वन क्षेत्रों से शिकार कर अंगों की तस्करी की योजना बना रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने एक संयुक्त रणनीति तैयार की। टीम ने तस्करों को पकड़ने के लिए संदिग्ध ठिकानों पर घेराबंदी की और रंगे हाथों आरोपियों को दबोच लिया।

बरामदगी का विवरण और कार्रवाई

  • प्रतिबंधित सामग्री: छापेमारी स्थल से गुलदार की कई खालें बरामद हुई हैं, जिन्हें वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया गया था ताकि उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा सके।
  • भारी मात्रा में हड्डियां: खालों के अलावा, टीम को भारी मात्रा में वन्यजीवों की हड्डियां मिली हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हड्डियों का उपयोग पारंपरिक दवाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्करी के लिए किया जाना था।
  • गिरफ्तारी: मौके से गिरोह के मुख्य सदस्यों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पुलिस और वन विभाग की टीम कड़ी पूछताछ कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़े हो सकते हैं तार

शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय है। बरामद की गई खालों और हड्डियों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क से जुड़े बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

अधिकारियों का बयान

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड के जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा, “हम वन्यजीव तस्करी के प्रति कड़ा रुख अपना रहे हैं। एसटीएफ के साथ हमारा तालमेल भविष्य में भी जारी रहेगा ताकि ऐसे अपराधियों को जड़ से खत्म किया जा सके।”

अगली कार्रवाई

पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद हड्डियों को फोरेंसिक जांच के लिए देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) भेजा जा रहा है ताकि उनकी सटीक प्रजाति की पुष्टि की जा सके।

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