नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक संबोधन और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उन्होंने भाजपा के नाम की नई व्याख्या करते हुए उसे ‘भ्रष्ट जनता पार्टी’ करार दिया। राहुल गांधी ने देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और लंबित न्याय का मुद्दा उठाते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर अपराधियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।
महिलाओं की सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में विशेष रूप से उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महीनों बीत जाने के बाद भी अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला है, क्योंकि सत्ता में बैठे लोग ‘वीआईपी’ को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि बेटियों को न्याय दिलाने के बजाय भाजपा सरकारें दोषियों के साथ खड़ी क्यों नजर आती हैं?
पुराने मामलों का दिया हवाला
कांग्रेस नेता ने केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव बलात्कार कांड और कठुआ जैसी घटनाओं की याद दिलाते हुए भाजपा की कार्यप्रणाली पर प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- भाजपा का ‘बेटी बचाओ’ का नारा केवल विज्ञापनों तक सीमित है।
- जब भी भाजपा नेताओं या उनसे जुड़े लोगों पर आरोप लगते हैं, तो जांच की दिशा मोड़ दी जाती है।
- विपक्षी नेताओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने वाली एजेंसियां इन मामलों में सुस्त पड़ जाती हैं।
‘भ्रष्ट जनता पार्टी’ के आरोप पर सियासत गर्म
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा न केवल आर्थिक रूप से बल्कि नैतिक रूप से भी भ्रष्ट हो चुकी है। उन्होंने कहा कि “जब सत्ता का अहंकार इतना बढ़ जाए कि वह बेटियों की चीखें सुनना बंद कर दे, तो उसे जनता की पार्टी नहीं कहा जा सकता।” उनके इस ‘भ्रष्ट जनता पार्टी’ वाले कटाक्ष ने देश के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
भाजपा की पलटवार की तैयारी
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद भाजपा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी निराधार आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं और अदालती कार्यवाही पर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा ने इसे कांग्रेस की हताशा करार दिया है।
राहुल गांधी का मुख्य संदेश: “देश देख रहा है कि कैसे हर अन्याय के पीछे भाजपा का कोई न कोई नेता या उनके संरक्षण प्राप्त लोग खड़े हैं। हम अंकिता भंडारी से लेकर उन्नाव की बेटी तक, हर किसी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे।”





