देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए ‘स्मार्ट रोड नेटवर्क’ पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप, राज्य के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक के दबाव को कम करने और यात्रा को सुगम बनाने के लिए कई नए फ्लाईओवर और रिंग रोड परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। यह ढांचागत सुधार न केवल स्थानीय लोगों के लिए राहत लाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।
जाम से मिलेगी मुक्ति: रिंग रोड और फ्लाईओवर पर फोकस
राज्य सरकार का मुख्य फोकस देहरादून, हल्द्वानी और हरिद्वार जैसे शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करना है। देहरादून में प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना शहर के बाहरी हिस्सों को जोड़कर मुख्य मार्गों से वाहनों का बोझ कम करेगी। इसके साथ ही, राजधानी के व्यस्त चौराहों पर नए फ्लाईओवर के निर्माण की योजना है, जिससे यात्रा के समय में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
पर्यटन और चारधाम यात्रा को मिलेगा संबल
स्मार्ट रोड नेटवर्क का सबसे बड़ा लाभ चारधाम यात्रा और पर्यटन स्थलों को होगा। ऑल वेदर रोड परियोजना के साथ-साथ, लिंक मार्गों को भी चौड़ा किया जा रहा है ताकि सुदूर पहाड़ी इलाकों तक पहुंच आसान हो सके। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली से देहरादून और हरिद्वार की दूरी कम होने के बाद, पर्यटकों को राज्य के भीतर भी बिना किसी बाधा के आवाजाही की सुविधा मिले।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- स्मार्ट ड्रेनेज और लाइटिंग: सड़कों के साथ अत्याधुनिक जल निकासी प्रणाली और सोलर आधारित स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।
- सीसीटीवी निगरानी: सुरक्षा की दृष्टि से पूरे रोड नेटवर्क को आईसीसीसी (ICCC) कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा।
- ग्रीन कॉरिडोर: सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर इन्हें ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
- पार्किंग समाधान: फ्लाईओवर के नीचे और महत्वपूर्ण जंक्शनों पर वर्टिकल पार्किंग बनाने की भी योजना है।
आर्थिक विकास का नया मार्ग
विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर सड़क नेटवर्क से राज्य में उद्योगों के लिए रसद (Logistics) की लागत कम होगी और नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास होगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पहाड़ी क्षेत्रों से हो रहे पलायन पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।





