Monday, January 12, 2026

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सड़क दुर्घटना में मृत भिखारी ने छोड़ी करोड़ों की विरासत: कंटेनर से मिले 45 लाख नकद और विदेशी मुद्रा, अब वारिस की तलाश

मुंबई/डेस्क: किस्मत और दौलत के खेल की एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरत में डाल दिया है। हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले एक बुजुर्ग भिखारी के ठिकानों की जब पुलिस ने तलाशी ली, तो वहां से नोटों का ऐसा भंडार निकला जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। फटे-पुराने कपड़ों में रहने वाले इस शख्स के पास से 45 लाख रुपये की नकदी और कई देशों की विदेशी मुद्रा बरामद हुई है।

हादसे के बाद खुला राज पुलिस के अनुसार, मृतक बुजुर्ग सड़क किनारे एक पुराने कंटेनर या अस्थायी झोपड़ी में रहता था। कुछ दिनों पहले एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी। लावारिस शव मानकर जब पुलिस उसकी पहचान के लिए उसके रहने के स्थान पर पहुँची, तो वहां रखे बक्से और बोरों को देखकर दंग रह गई। नोटों की गिनती के लिए मशीनें मंगवानी पड़ीं, जिसमें कुल 45 लाख रुपये भारतीय मुद्रा पाई गई।

विदेशी मुद्रा का भंडार हैरानी की बात यह है कि नकदी के साथ-साथ वहां से भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा भी मिली है। इसमें अमेरिकी डॉलर, पाउंड और खाड़ी देशों के सिक्के व नोट शामिल हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि एक भिखारी के पास इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा कहाँ से आई। प्राथमिक अनुमान है कि पर्यटकों द्वारा दिए गए दान या विदेशी मुद्रा विनिमय (Exchange) की जानकारी न होने के कारण उसने इन्हें सालों से जमा कर रखा था।

अब किसे मिलेगा यह पैसा? इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इस संपत्ति का असली हकदार कौन होगा। कानून के जानकारों के अनुसार:

  1. उत्तराधिकारी की तलाश: सबसे पहले पुलिस मृतक के परिवार या किसी वैध कानूनी उत्तराधिकारी की तलाश करेगी। यदि कोई पुख्ता सबूतों (जैसे डीएनए टेस्ट या पारिवारिक दस्तावेज) के साथ दावा पेश करता है, तो अदालत के माध्यम से पैसा उन्हें सौंपा जा सकता है।
  2. दावा न होने पर सरकारी खजाना: यदि काफी समय तक कोई वारिस सामने नहीं आता है, तो ‘एस्चीट’ (Escheat) के सिद्धांत के तहत यह पूरी संपत्ति सरकारी खजाने (State Treasury) में जमा कर दी जाएगी।
  3. वसीयत का अभाव: चूंकि मृतक ने कोई वसीयत नहीं छोड़ी है, इसलिए मामला पूरी तरह से हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम या संबंधित नागरिक कानूनों के अधीन होगा।

पुलिस की कार्रवाई फिलहाल, पुलिस ने पूरी राशि और विदेशी मुद्रा को जब्त कर मालखाने में जमा करा दिया है और आयकर विभाग (Income Tax) को भी इसकी सूचना दे दी गई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि मृतक के मूल निवास या उसके रिश्तेदारों के बारे में कोई सुराग मिल सके।

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