Monday, January 12, 2026

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देश की पहली ‘डिजिटल जनगणना’ का बिगुल बजा: 1 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण, अधिसूचना जारी

नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश की पहली डिजिटल जनगणना (Digital Census) के आयोजन के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। ऐतिहासिक बदलाव के साथ होने वाली इस जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। इस बार कागज-कलम की जगह मोबाइल ऐप और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा संग्रह किया जाएगा, जिससे देश के हर नागरिक की सटीक जानकारी रीयल-टाइम में दर्ज हो सकेगी।

पहले चरण में होगा ‘मकान सूचीकरण’

अधिसूचना के अनुसार, 1 अप्रैल से शुरू होने वाले पहले चरण में मुख्य रूप से दो कार्य किए जाएंगे:

  1. मकान सूचीकरण (House Listing): देश के सभी भवनों और मकानों की सूची तैयार की जाएगी।
  2. मकान गणना (Housing Census): मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसी चरण के साथ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को अपडेट करने की प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है।

30 लाख कर्मियों की विशाल सेना संभालेगी कमान

दुनिया के इस सबसे बड़े डिजिटल डेटा संग्रह अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारी की है:

  • फील्ड वर्क: लगभग 30 लाख प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों को इस कार्य में लगाया जाएगा।
  • डिजिटल प्रशिक्षण: इन कर्मियों को विशेष रूप से विकसित ‘सेंसस मोबाइल ऐप’ चलाने और डेटा सुरक्षित रखने का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • स्व-गणना का विकल्प: पहली बार नागरिकों को ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ (स्व-गणना) की सुविधा भी मिल सकती है, जिससे वे स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी साझा कर सकेंगे।

क्यों खास है ‘डिजिटल जनगणना’?

अभी तक की जनगणना प्रक्रियाओं में डेटा को मैन्युअल रूप से रजिस्टर में दर्ज किया जाता था, जिसे बाद में कंप्यूटर पर फीड करने में सालों लग जाते थे। डिजिटल जनगणना के निम्नलिखित लाभ होंगे:

  • सटीकता और गति: डेटा सीधे सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे जनगणना के परिणाम बहुत जल्द घोषित किए जा सकेंगे।
  • डेटा सुरक्षा: सरकार ने आश्वस्त किया है कि संकलित किया गया डेटा पूरी तरह सुरक्षित होगा और इसका उपयोग केवल कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।
  • बहुभाषी ऐप: डेटा संग्रह करने वाला ऐप देश की प्रमुख अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध होगा।

आम जनता के लिए निर्देश

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे गणना के लिए आने वाले कर्मियों को सही जानकारी प्रदान करें। मकान सूचीकरण के दौरान परिवार के मुखिया का नाम, मकान का प्रकार, पेयजल के स्रोत, बिजली, शौचालय और परिवहन के साधनों जैसी बुनियादी जानकारियां पूछी जाएंगी।

जनगणना 2026: एक नज़र में (Key Highlights)

  • पहला चरण: 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक।
  • तकनीक: मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल का उपयोग।
  • मैनपावर: 30 लाख प्रशिक्षित कर्मचारी।
  • मुख्य उद्देश्य: सटीक जनसंख्या डेटा और जीवन स्तर का आकलन।

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