चमोली: उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ सेना के कैंप के नजदीक स्थित कूड़े के ढेर में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते धुएं का गुबार आसमान में छा गया, जिससे सैन्य क्षेत्र और आस-पास के रिहायशी इलाकों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँचीं।
घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, यह आग चमोली स्थित सेना के कैंप के पास बने एक डंपिंग जोन (कूड़ा निस्तारण केंद्र) में लगी। सूखे कूड़े और प्लास्टिक की अधिकता होने के कारण आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया। चूँकि घटना स्थल सेना के कैंप के बिल्कुल समीप था, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि मानवीय लापरवाही या भीषण गर्मी की वजह से यह हादसा हुआ।
राहत और बचाव कार्य
आग की सूचना मिलते ही सेना के जवान और स्थानीय अग्निशमन दल (Fire Brigade) सक्रिय हो गए।
- संयुक्त ऑपरेशन: सेना के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए।
- फायर टेंडर की तैनाती: जिला मुख्यालय से फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईं।
- स्थानीय लोगों की मदद: आस-पास के ग्रामीणों ने भी पानी और मिट्टी डालकर आग को फैलने से रोकने में मदद की।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
सेना के कैंप के पास आग लगने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सैन्य प्रतिष्ठानों के पास इस तरह की घटना बड़ी चुनौती पेश करती है, क्योंकि वहाँ ज्वलनशील पदार्थ और महत्वपूर्ण उपकरण मौजूद होते हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या डंपिंग जोन में आग जानबूझकर लगाई गई थी या यह मात्र एक दुर्घटना है।
वर्तमान स्थिति
कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके में अभी भी निगरानी रखी जा रही है ताकि कूड़े के अंदर दबी आग दोबारा न भड़क उठे। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या सैन्य संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है।
प्रशासन की चेतावनी: नगर पालिका और स्थानीय निवासियों को कूड़ा निस्तारण केंद्रों पर सावधानी बरतने और आग के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।





