नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पड़ोसी देश की सरकार पर सवाल उठाए हैं। थरूर ने कहा कि इमरान खान की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति को लेकर पाकिस्तान सरकार की चुप्पी कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रही है और इससे हालात और अधिक भ्रमित होते जा रहे हैं।
थरूर ने अपने बयान में कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह जरूरी होता है कि सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों की स्थिति पर पारदर्शिता रखे। उन्होंने कहा कि इमरान खान एक पूर्व प्रधानमंत्री हैं और उनके खिलाफ चल रहे मामलों के बीच उनके स्वास्थ्य को लेकर अस्पष्ट जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता पैदा कर रही है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से यह मांग भी की कि वह जेल में बंद इमरान खान के स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक तौर पर साझा करे, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक चर्चा को रोका जा सके।
इमरान खान पिछले कई महीनों से जेल में बंद हैं और विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि उनकी सेहत तेजी से खराब हो रही है। हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से उनके स्वास्थ्य पर विस्तार से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे राजनीतिक हलकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लगातार इस मुद्दे पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
थरूर ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मानवाधिकार और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने इमरान खान की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान सरकार से जिम्मेदारी के साथ कदम उठाने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में पारदर्शिता ही विश्वास का आधार होती है और पाकिस्तान को इस सिद्धांत का पालन करना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान खान की सेहत और उनके खिलाफ चल रहे मुकदमों के बीच पाकिस्तान का राजनीतिक वातावरण पहले से ही तनावपूर्ण है, ऐसे में सूचनाओं की कमी हालात को और जटिल बना सकती है। थरूर की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय नजरें टिका दी हैं।





