केंद्र सरकार ने जल-जीवन मिशन के कार्यान्वयन में गंभीर अनियमितताओं का पता लगने के बाद सात राज्यों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 129 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच रिपोर्टों के अनुसार, इन राज्यों में योजना के तहत किए जा रहे कार्यों में पारदर्शिता की कमी, गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं जैसे मामलों की पुष्टि हुई है।
अधिकारियों के अनुसार, मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर फंड आवंटित किए गए थे। लेकिन कई जगहों पर परियोजना संबंधी कार्य समय से पूरे नहीं हुए, वहीं कुछ स्थानों पर निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आईं। इसके अलावा, कई राज्यों में प्रगति रिपोर्ट वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती पाई गई, जिसके बाद विस्तृत जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि जल-जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित राज्यों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां दोबारा पाई गईं तो और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर मिशन से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें और पारदर्शिता बनाए रखें। साथ ही स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य प्रभावी रूप से पूरा किया जा सके।





