परिचय
68 वर्षीय Catherine Connolly आयरलैंड की राजनीति में एक प्रभावशाली वाम-पंथी स्वतंत्र प्रतिनिधि हैं, जो अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित हुई हैं। उनका चुनाव एक बड़ी राजनीतिक हलचल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
• Connolly का जन्म 12 जुलाई 1957 को गॉलवे (Galway) में हुआ।
• उन्होंने शुरुआत में लेबर पार्टी (Labour Party) के सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखा, बाद में 2006 में पार्टी छोड़कर स्वतंत्र राजनीति में आ गईं।
• 1999 में गॉलवे सिटी काउंसिल में चुनी गईं, 2004-05 में गॉलवे की मेयर रहीं।
• फरवरी 2016 से 2025 तक गॉलवे वेस्ट निर्वाचन क्षेत्र से डायल (Dáil Éireann — आयरलैंड का संसद) की सदस्य (Teachta Dála, TD) रहीं।
• 2020-24 तक उन्होंने Dáil में Leas-Cheann Comhairle (उपाध्यक्षा) का पद भी संभाला।
• चुनाव, जीत और टिप्पणी
• 24 अक्टूबर 2025 को हुए राष्ट्रपति चुनाव में Connolly ने लगभग 63.4 % वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की।
• उनकी प्रतिद्वंदी थी Heather Humphreys, जिसका समर्थन केंद्र-दाएँ पार्टी Fine Gael ने किया था। Connolly की जीत को केंद्र-दाएँ शासन के लिए एक चेतावनी माना गया है।
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• उन्होंने जीत के बाद कहा कि वे “सुनने, प्रतिबिंबित करने और जब ज़रूरी बोलेगा” वाला राष्ट्रपति बनेंगी। विचार-धारा और प्रमुख रूख
• Connolly खुद को समाजवादी और निहत्था (pacifist) बताती हैं।
• उनके विदेशी नीति-रुख ने काफी चर्चा पाई है:
o वे NATO के “युद्ध-तैयारी ढाँचे” पर तीखा सवाल उठाती रही हैं और यूरोपीय सैन्यकरण को चिंताजनक मानती हैं।
o उन्होंने कहा है कि European Union “अपनी मूल शांति-परियोजना से भटक गया है” और यूरोप में असंतोष कर रही हैं।
o खासकर, उन्होंने Gaza Strip में युद्ध पर और Israel-पैलेस्तीन मुद्दे पर खुलकर विवादित बयान दिए हैं – वे Израील को “नरसंहारकारी राज्य” कह चुकी हैं। क्यों यह जीत मायने रखती है
• यह चुनाव केवल एक प्रतीकात्मक पद के लिए था (आयरलैंड में राष्ट्रपति का पद अधिकतर समारोहात्मक होता है), फिर भी Connolly की जीत को राजनीतिक अदला-बदली का संकेत माना गया है।
• वर्तमान में बढ़ती युवा-वोटिंग, वाम-पंथी दलों के बीच गठजोड़, एवं मुख्यधारा राजनीतिक पार्टियों से असंतोष इस परिणाम के पीछे हैं।
• हालांकि कुछ विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यह वाम-पंथी विजय तुरंत सरकार में बदलाव का आश्वासन नहीं। पद की सीमित शक्तियों को देखते हुए, व्यापक बदलाव समय ले सकता है। चुनौतियाँ और अगली दिशा
• Connolly के श्री विदेश नीति-रुख (खासतौर पर यूरोपीय रक्षा एवं अमेरिका-संबंधी उनसे असहमत विचार) से आयरलैंड के पारंपरिक गठजोड़ों में हलचल हो सकती है।
• राष्ट्रपति पद समारोहात्मक होते हुए भी सार्वजनिक संवाद, प्रतीकात्मक भूमिका, एवं विदेश प्रतिनिधित्व में प्रभावी हो सकता है — खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक राजनीति तीव्र है।
• उनकी घरेलू चुनौतियाँ भी बड़ी हैं — जैसे बढ़ती आवास समस्या, आर्थिक असमानता, इंफ्रास्ट्रक्चर पिछड़ापन, जिन पर उन्होंने चुनाव अभियान में जोर दिया था।
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