Sunday, November 30, 2025

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उत्तराखंड में उत्तर भारत के सबसे अधिक गजराज, देश में पांचवें स्थान पर — देशभर में 22,446 हाथियों का हुआ डीएनए आधारित आकलन

देहरादून।
भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून में आयोजित 36वीं वार्षिक अनुसंधान संगोष्ठी के दौरान देशव्यापी हाथी आकलन रिपोर्ट जारी की गई। यह आकलन पहली बार डीएनए-आधारित “इंडिया सिंक्रोनाइज्ड एलिफेंट एस्टीमेशन” पद्धति से किया गया है, जिससे आंकड़े अधिक सटीक माने जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वर्तमान में कुल 22,446 हाथी हैं। इनमें उत्तर भारत में सर्वाधिक और देश में पांचवें स्थान पर 1,792 गजराज उत्तराखंड में पाए गए हैं।

देश में हाथियों की नई गणना जारी

रिपोर्ट के अनुसार, देश में सबसे अधिक हाथी कर्नाटक (6,013) में हैं। इसके बाद असम (4,159), तमिलनाडु (3,136), केरल (2,785) और उत्तराखंड (1,792) का स्थान आता है। यह नवीनतम आकलन देश के 21 राज्यों में किया गया, जिसमें हाथियों की कुल आबादी का समन्वित मूल्यांकन किया गया।

डीएनए तकनीक से हुआ सटीक आकलन

इस बार हाथियों की गिनती पारंपरिक ऑब्जर्वेशन पद्धति के बजाय डीएनए विश्लेषण (DNA-based fecal sampling) से की गई। भारतीय वन्यजीव संस्थान की वैज्ञानिक डॉ. विष्णु प्रिया ने बताया कि हाथियों के मल से डीएनए सैंपल लेकर उनकी पहचान और संख्या का सटीक अनुमान लगाया गया। यह तकनीक भारत में पहली बार उपयोग में लाई गई है।

हाथियों की आबादी के इस व्यापक सर्वेक्षण का कार्य 2022 और 2023 में किया गया, जबकि उत्तर-पूर्वी राज्यों में यह कार्य 2024 में पूरा हुआ।

विशाल पैमाने पर किया गया सर्वे

हाथियों की जनसंख्या का आकलन देश के 21 राज्यों में 3,19,460 डंग प्लाट्स बनाकर किया गया। इसमें से 21,056 सैंपल एकत्र किए गए और लगभग 6,66,977 फुट सर्वे पूरा किया गया। इस अभियान में हजारों वनकर्मियों, वैज्ञानिकों और फील्ड विशेषज्ञों ने भाग लिया।

रिपोर्ट जारी करने वाले प्रमुख अधिकारी

रिपोर्ट को इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस के महानिदेशक एस.पी. यादव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशक रमेश पांडे, भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक गोबिंद भारद्वाज, आईसीएसएपी चेयरमैन डॉ. एरक भरूचा, डॉ. रुचि बडोला और डॉ. विष्णु प्रिया ने संयुक्त रूप से जारी किया।

उत्तराखंड में संरक्षण के प्रयास

उत्तराखंड में हाथियों की बड़ी आबादी कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व, तराई और शिवालिक क्षेत्र में पाई जाती है। राज्य में हाथियों की संख्या बढ़ना वन विभाग और स्थानीय समुदायों के संयुक्त संरक्षण प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।

2017 की तुलना में कम हुई कुल संख्या

गौरतलब है कि पिछली बार 2017 में जारी हाथी आकलन रिपोर्ट में देश में 29,964 हाथी होने का अनुमान लगाया गया था। इस बार की संख्या कुछ कम है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि नई डीएनए-आधारित तकनीक अधिक सटीक है, इसलिए यह वास्तविक स्थिति का अधिक प्रामाणिक चित्रण करती है।

भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह रिपोर्ट भविष्य में हाथी संरक्षण नीतियों, कॉरिडोर प्रबंधन और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक दस्तावेज साबित होगी।

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