बामाको/वॉशिंगटन। माली सरकार ने अमेरिका को करारा राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश देते हुए वीजा बांड नीति में समान नियम लागू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत अब अमेरिकी नागरिकों और अधिकारियों पर भी वही शर्तें लागू होंगी, जो माली नागरिकों पर अमेरिकी वीजा प्रक्रिया में लगाई जाती हैं। यह नया नियम 23 अक्तूबर से लागू होगा।
माली विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह कदम द्विपक्षीय सम्मान और समानता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि “अमेरिका द्वारा माली नागरिकों के लिए कठोर वीजा नियम और प्रतिबंध लगाए जाने के बाद हमने समान और न्यायसंगत नीति अपनाने का निर्णय लिया है।”
साथ ही, मंत्रालय ने अमेरिका से कहा कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच वीजा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता होनी चाहिए। माली का कहना है कि यह निर्णय केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि कूटनीतिक संतुलन और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए लिया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि माली का यह कदम पिछले कुछ वर्षों से बढ़ते अमेरिका-माली संबंधों में तनाव की परिणति है। अमेरिका ने माली पर सुरक्षा और आतंकवाद से संबंधित चिंताओं के हवाले से कई वीजा प्रतिबंध लगाए थे, जिसके बाद बामाको सरकार ने अपने नागरिकों और अधिकारियों के लिए समान नियम लागू करने की योजना बनाई।
माली सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि 23 अक्तूबर से लागू होने वाले नए नियम के तहत अमेरिकी नागरिकों को माली की यात्रा, कामकाजी वीजा या अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए स्थानीय नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा, सभी वीजा प्रक्रियाओं में अनुपालन, सुरक्षा जांच और आवश्यक दस्तावेज की शर्तें समान होंगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अमेरिका-माली संबंधों में संक्षिप्त अवधि के लिए तनाव बढ़ सकता है, लेकिन यह माली की विदेश नीति में स्वतंत्रता और समानता का संदेश भी देता है। इस फैसले के बाद दोनों देशों की राजनयिक टीमों के बीच बातचीत और समन्वय बढ़ने की संभावना है।





