नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद मुनीर की खुलकर तारीफ करने पर भारत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। पार्टी ने सवाल उठाया है कि जब ट्रंप पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की तारीफों के पुल बांध रहे हैं, तब मोदी चुप क्यों हैं — “क्या यही है मोदी-ट्रंप की दोस्ती?”
कांग्रेस प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि ट्रंप द्वारा बार-बार पाकिस्तान को “क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम साझेदार” बताना भारत की कूटनीतिक नीति पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी अक्सर कहते हैं कि उनकी ट्रंप से गहरी दोस्ती है, लेकिन अब वही ट्रंप भारत के विरोध में खड़े देश के प्रधानमंत्री की तारीफ कर रहे हैं। आखिर ये कैसी दोस्ती है?”
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिका के साथ संबंधों को केवल ‘व्यक्तिगत समीकरण’ तक सीमित कर दिया है, जबकि विदेश नीति का आधार राष्ट्रहित और रणनीतिक संतुलन होना चाहिए। पार्टी नेताओं ने कहा कि ट्रंप की टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि भारत-अमेरिका संबंधों में पहले जैसी पारदर्शिता और भरोसे की स्थिति नहीं रही।
पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा, “प्रधानमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से इस बयान पर बात की है। भारत को किसी भी स्थिति में पाकिस्तान समर्थक बयान को अनदेखा नहीं करना चाहिए।”
उधर, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक नौटंकी बताया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं और ट्रंप के बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है।
राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंधों के स्वरूप पर भी असर डाल सकता है। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर “कूटनीतिक असफलता” का आरोप लगाने में जुट गया है।





