Monday, February 9, 2026

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असदुद्दीन ओवैसी ने फिर किया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का समर्थन, बोले— सैनिक देश के लिए गए थे, पीएम के लिए नहीं

नई दिल्ली। एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में हिस्सा लेने वाले भारतीय सैनिक देश की सुरक्षा और मानवता के लिए गए थे, किसी व्यक्ति विशेष या प्रधानमंत्री के लिए नहीं। ओवैसी ने कहा कि सेना का हर अभियान राष्ट्रहित में होता है और उसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
ओवैसी ने एक जनसभा में बोलते हुए कहा, “मैंने पहले भी कहा था और आज भी कहता हूं कि हमारे सैनिकों ने बहादुरी दिखाई है। वे देश के लिए गए थे, किसी राजनीतिक दल या नेता के लिए नहीं। जब भारत का सैनिक सीमा पार करता है, तो वह तिरंगे के सम्मान के लिए जाता है, किसी पार्टी के झंडे के लिए नहीं।”

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी दल हर सैन्य अभियान को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बना देता है, जिससे सेना की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। “सेना का गौरव सबका है, उसे चुनावी मंचों पर प्रचार का हथियार नहीं बनाना चाहिए,” ओवैसी ने कहा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर ओवैसी ने यह भी कहा कि भारत ने मानवीय दृष्टि से जो कदम उठाया, वह सराहनीय है। “मैं सेना की कार्रवाई का समर्थन करता हूं, लेकिन इसका श्रेय केवल प्रधानमंत्री या सरकार को देना सही नहीं। यह हमारे सैनिकों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का परिणाम है,” उन्होंने कहा।

ओवैसी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं ने उन पर “दोहरे बयान” देने का आरोप लगाया, जबकि विपक्षी दलों ने कहा कि ओवैसी ने सेना के प्रति सही दृष्टिकोण रखा है।
गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने हाल ही में विदेशी भूमि पर मानवीय सहायता और बचाव कार्य संचालित किया था, जिसमें भारतीय जवानों ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई। इस मिशन की देश-विदेश में सराहना हुई थी।
ओवैसी ने अंत में कहा, “देश की सुरक्षा में जो जवान शहीद होते हैं, उनका संबंध किसी पार्टी से नहीं होता। उनका बलिदान पूरे भारत का होता है। हमें सेना का सम्मान करते हुए उसे राजनीति से ऊपर रखना चाहिए।”

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