काराकास/नई दिल्ली। वेनेजुएला सरकार ने हाल ही में अमेरिका द्वारा अपने देश के खिलाफ संभावित सैन्य या हवाई हमलों की खबरों को लेकर गहरी चिंता जताई है और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने लाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का आपात सत्र बुलाने की मांग की है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब अमेरिका और वेनेजुएला के बीच पहले से ही कूटनीतिक तनाव बढ़ रहा है।
वेनेजुएला की सरकार की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी हमलों की किसी भी योजना का सीधा असर देश की सार्वभौमिकता, संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ेगा। मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे संघीय कानून और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत हस्तक्षेप को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी सरकार ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की आक्रामकता का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कूटनीतिक समाधान ही एकमात्र स्थायी रास्ता है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आपात सत्र की मांग
वेनेजुएला ने UNSC से आग्रह किया है कि वे इस मामले में तत्काल ध्यान दें और अमेरिका के कथित हमलों को लेकर आपात सत्र बुलाएं। वेनेजुएला का कहना है कि यदि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से नहीं लिया गया, तो यह क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
अमेरिका का दृष्टिकोण
अमेरिका की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन पिछले महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव के कारण यह आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका, वेनेजुएला में राजनीतिक और सुरक्षा मामलों में हस्तक्षेप के विकल्प पर विचार कर रहा है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी हमले की आशंका वास्तविक है, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन और क्षेत्रीय अस्थिरता का मामला बन सकता है। UNSC का आपात सत्र ऐसे विवादों को शांतिपूर्ण और कूटनीतिक तरीके से हल करने का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
वेनेजुएला की यह मांग इस बात को दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के मुद्दे आज भी वैश्विक राजनीति में कितने संवेदनशील हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस ओर लगी हैं कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव किस दिशा में बढ़ता है और UNSC इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
अमेरिकी हमलों से घबराई वेनेजुएला सरकार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का आपात सत्र बुलाने की मांग





