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उत्तराखंड की शेफाली रावत ने रचा इतिहास, पहली बार भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम की कप्तान बनीं

देहरादून। उत्तराखंड की बेटी शेफाली रावत ने इतिहास रचते हुए भारत का नाम रोशन किया है। पहली बार भारतीय महिला ब्लाइंड फुटबॉल टीम की कप्तानी राज्य की इस होनहार खिलाड़ी के हाथों में सौंपी गई है। केरल के कोच्चि में आयोजित वूमेन ब्लाइंड फुटबॉल वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में शेफाली भारतीय टीम की अगुवाई कर रही हैं।

शेफाली रावत पौड़ी गढ़वाल की मूल निवासी हैं और वर्तमान में देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) की छात्रा हैं। उन्होंने अब तक कई राष्ट्रीय और जोनल स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड महिला ब्लाइंड फुटबॉल टीम की कप्तानी कर राज्य का गौरव बढ़ाया है।

यह विश्व चैंपियनशिप दूसरा संस्करण है। इसका पहला आयोजन वर्ष 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम में हुआ था, जिसमें शेफाली ने भी भारतीय टीम में शामिल होकर शानदार प्रदर्शन किया था। इस बार वह न केवल टीम की सदस्य हैं, बल्कि पूरे देश की कप्तान के रूप में मैदान में उतर रही हैं — जो किसी भी उत्तराखंड निवासी के लिए गौरव का क्षण है।

आठ देशों की टीमें मुकाबले में

इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के अलावा अर्जेंटीना, ब्राजील, पोलैंड, इंग्लैंड, जापान, कनाडा और तुर्की की टीमें भाग ले रही हैं। टूर्नामेंट 11 अक्तूबर तक चलेगा। ग्रुप स्टेज में भारतीय टीम को ब्राजील, इंग्लैंड और पोलैंड जैसी मजबूत टीमों से मुकाबला करना है। शेफाली के नेतृत्व में टीम का लक्ष्य ग्रुप में शीर्ष दो में स्थान हासिल कर सेमीफाइनल और फिर फाइनल तक पहुंचना है।

कोच ने की शेफाली की सराहना

भारतीय टीम के कोच नरेश सिंह नयाल ने कहा कि शेफाली की यह उपलब्धि न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा, “शेफाली ने लगातार मेहनत और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी कप्तानी से अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी और टीम का मनोबल बढ़ेगा।”

राज्य के लिए प्रेरणा बनी शेफाली

शेफाली रावत की सफलता ने उत्तराखंड के दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए एक नया अध्याय खोला है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। राज्य के खेल विभाग और स्थानीय संस्थानों ने भी शेफाली की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व जताया है।

दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए यह उपलब्धि न केवल खेल जगत में बल्कि समावेशी खेल संस्कृति के प्रसार में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शेफाली रावत की कप्तानी में भारतीय टीम से पूरे देश को बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है।

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