Sunday, November 30, 2025

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“11 अरब डॉलर का हिसाब दो…” पाकिस्तान से नाराज हुआ IMF, ट्रेड डेटा में अरबों डॉलर की गड़बड़ी उजागर

इस्लामाबाद। कर्ज में डूबे पाकिस्तान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए उससे 11 अरब डॉलर (करीब 92,400 करोड़ रुपये) का पूरा ब्योरा देने को कहा है। यह रकम पाकिस्तान के ट्रेड डेटा (व्यापार आंकड़ों) में हुई बड़ी गड़बड़ी से जुड़ी है, जिसे IMF ने हाल ही में उजागर किया है।
IMF ने पकड़ी पाकिस्तान की “डेटा हेराफेरी”
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान की संस्थाओं द्वारा दिए गए आयात (imports) के आंकड़ों में भारी असंगति पाई गई है।
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान सिंगल विंडो (PSW) ने वित्त वर्ष 2023–24 में जितना आयात बताया था, पाकिस्तान रेवेन्यू ऑटोमेशन लिमिटेड (PRAL) के आंकड़ों में उसमें 5.1 अरब डॉलर की कमी थी।
इसी तरह, 2022–23 के आंकड़ों में 5.7 अरब डॉलर का अंतर मिला। दोनों वर्षों को जोड़कर कुल 11 अरब डॉलर का अंतर सामने आया है, जिससे IMF चौंक गया।
IMF ने मांगा जवाब, पाकिस्तान ने स्वीकार की गलती
IMF ने इस पर पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (PBS) से औपचारिक जवाब तलब किया। जब डेटा की जांच की गई तो पाकिस्तान ने माना कि PBS के आंकड़ों में खामियां थीं और कई आयात आंकड़े “रिकॉर्ड में नहीं लिए गए” थे।
IMF ने पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया है कि वह पुराने रिकॉर्ड्स को अपडेट करे और सभी आंकड़े सार्वजनिक करे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
IMF की सख्त चेतावनी – पारदर्शिता बनाए रखें
IMF ने पाकिस्तान को दो टूक कहा है कि डेटा में इस तरह की गड़बड़ी “विश्वसनीयता और विश्वास” को नुकसान पहुंचाती है। संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान ने भविष्य में भी ऐसी त्रुटियां जारी रखीं, तो कर्ज की नई किश्तों पर असर पड़ सकता है।
IMF ने पाकिस्तान को सलाह दी है कि वह आर्थिक रिपोर्टिंग में पारदर्शिता रखे और राष्ट्रीय खातों व व्यापार आंकड़ों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाए।
कर्ज के बोझ तले पाकिस्तान
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय गंभीर संकट में है। देश पर 300 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज है और विदेशी मुद्रा भंडार मुश्किल से 8 अरब डॉलर तक सीमित है। IMF पहले ही पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर का राहत पैकेज दे चुका है, लेकिन नई किश्तों को मंजूरी देने में अब देरी की संभावना जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री शरीफ ने दी सफाई
IMF की नाराजगी के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनकी सरकार IMF पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम अपनी अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य विदेशी कर्ज पर निर्भरता घटाना और निर्यात बढ़ाना है।”
आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान का डेटा घोटाला देश की वित्तीय साख पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। IMF की नाराजगी से न केवल भविष्य के कर्ज वितरण पर असर पड़ेगा, बल्कि विदेशी निवेशक भी पाकिस्तान की पारदर्शिता को लेकर संशय में आ सकते हैं।
फिलहाल, IMF ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान 11 अरब डॉलर की विसंगति का ठोस जवाब नहीं देता, तब तक आर्थिक सहयोग की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

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