देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले की जांच के लिए गठित एकल सदस्यीय आयोग अब राजधानी में जनसुनवाई करेगा। आयोग के अध्यक्ष पूर्व न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी आठ अक्तूबर को देहरादून के सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में इस मामले से जुड़े लोगों से संवाद करेंगे और उनकी शिकायतें सुनेंगे।
जनसुनवाई के दौरान आयोग उन अभ्यर्थियों, अभिभावकों और अन्य संबंधित पक्षों की बात सुनेगा, जो परीक्षा लीक प्रकरण से प्रभावित हुए हैं या जिनके पास इससे संबंधित तथ्य और साक्ष्य हैं। न्यायमूर्ति ध्यानी इस दौरान प्राप्त सभी शिकायतों और सूचनाओं को दर्ज कर आगे की जांच प्रक्रिया में शामिल करेंगे।
इससे पहले आयोग हल्द्वानी और टिहरी में जनसुनवाई कर चुका है, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और स्थानीय नागरिकों ने अपनी बात आयोग के समक्ष रखी थी। देहरादून में होने वाली यह जनसुनवाई आयोग की अब तक की सबसे अहम कार्यवाही मानी जा रही है, क्योंकि राजधानी में सबसे अधिक प्रभावित अभ्यर्थी मौजूद हैं।
गौरतलब है कि 21 सितंबर को हुई यूकेएसएसएससी परीक्षा में पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद राज्य में भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे। युवाओं ने आठ दिन तक आंदोलन जारी रखा, जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति की थी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सरकार ने इस प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए पूर्व न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया। आयोग का उद्देश्य पेपर लीक कांड की सच्चाई उजागर करना, जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सिफारिशें देना है।
देहरादून में होने वाली कल की जनसुनवाई में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और नागरिकों के पहुंचने की संभावना है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, सभी प्रतिभागियों से अपील की गई है कि वे अपने लिखित आवेदन, साक्ष्य या अन्य दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि जांच प्रक्रिया को ठोस दिशा दी जा सके।
उत्तराखंड: पेपर लीक मामले की जांच के लिए बना आयोग कल करेगा देहरादून में जनसुनवाई





