नैनीताल। उत्तराखंड में शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़ा मामला एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों की निगाहें अब हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई प्रस्तावित है, जिसके बाद शिक्षकों को न्याय मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के हजारों शिक्षक पिछले कई वर्षों से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित होने के कारण परेशान हैं। राज्य सरकार द्वारा पदोन्नति के लिए जारी किए गए आदेशों को लेकर कई याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल की गई थीं। इन याचिकाओं में शिक्षकों ने वरिष्ठता सूची, आरक्षण नीति और सेवा नियमों में कथित विसंगतियों को चुनौती दी है।
हाईकोर्ट में हुई पिछली सुनवाई में न्यायालय ने सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा था। अब मंगलवार को मामले की अगली सुनवाई होनी है। शिक्षकों का कहना है कि अगर अदालत से अनुकूल फैसला आता है तो लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया को गति मिलेगी।
शिक्षक संगठनों ने कहा कि वे वर्षों से प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक जटिलताओं और कानूनी पेचिदगियों के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार अदालत का फैसला सभी पक्षों के लिए स्पष्ट दिशा तय करेगा।
वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट के निर्णय के बाद विभाग अगली कार्रवाई करेगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सरकार पदोन्नति से जुड़े सभी नियमों और न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार है।
प्रदेश भर में इस मामले को लेकर शिक्षकों में उत्सुकता और चिंता दोनों बनी हुई है। मंगलवार को होने वाली सुनवाई से तय होगा कि लंबे समय से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी या नहीं।





